
देहरादून
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” के विजन को साकार करने की दिशा में दून पुलिस लगातार नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही है। इसी क्रम में रायपुर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो नशा तस्करों को भारी मात्रा में अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया है।
पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि पहाड़ी जनपदों से बड़ी खेप में मादक पदार्थ देहरादून लाया जा रहा है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर तत्काल अलग-अलग टीमों का गठन किया गया और रायपुर थाना क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान आईटी पार्क क्षेत्र में एक संदिग्ध स्विफ्ट कार (UK-07-BM-6155) को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन सवार दो व्यक्तियों – शैलेश कुमार यादव और दीपक बहादुर ऐडी – के पास से कुल 4 किलो 215 ग्राम चरस बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपये बताई जा रही है। साथ ही भारतीय व नेपाली मुद्रा भी बरामद की गई।
गिरफ्तार अभियुक्तों में से शैलेश कुमार यादव पहले भी दो बार मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जेल जा चुका है। दोनों तस्कर रुद्रप्रयाग से चरस खरीदकर देहरादून में महंगे दामों पर बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने मौके से दोनों को गिरफ्तार कर लिया और तस्करी में प्रयुक्त कार को भी सीज कर लिया।
बरामदगी का विवरण:
- शैलेश कुमार यादव से – 1 किलो 705 ग्राम चरस व 5400 रुपये भारतीय मुद्रा।
- दीपक बहादुर ऐडी से – 2 किलो 510 ग्राम चरस व 5500 रुपये नेपाली मुद्रा।
- कुल – 4 किलो 215 ग्राम चरस (कीमत लगभग 9 लाख रुपये)।
गिरफ्तार अभियुक्त:
- शैलेश कुमार यादव पुत्र सूर्यभान यादव, निवासी जैन प्लॉट अधोईवाला थाना रायपुर, देहरादून।
- दीपक बहादुर ऐडी पुत्र लच्छी बहादुर ऐडी, मूल निवासी ग्राम सोते, थाना चौनपुर, जिला बझांग, नेपाल, हाल निवासी जैन प्लॉट थाना रायपुर, देहरादून।
आपराधिक इतिहास – शैलेश कुमार यादव:
- मुकदमा संख्या 13/2019, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट, थाना रायपुर।
- मुकदमा संख्या 53/2022, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट, कोतवाली डोईवाला।
पुलिस टीम:
- जगदीश पंत, क्षेत्राधिकारी रायपुर
- गिरीश नेगी, थानाध्यक्ष रायपुर
- व0उ0नि0 भरत सिंह रावत
- उ0नि0 संजय रावत
- हे0का0 रंजय सिंह
- का0 प्रदीप नेगी
- का0 धीरेन्द्र सिंह
दोनों अभियुक्तों के खिलाफ रायपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जनपद में नशा तस्करी करने वालों की पहचान कर उनकी हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है और उन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।


