
पुलिस महानिरीक्षक (IG) गढ़वाल परिक्षेत्र उत्तराखण्ड राजीव स्वरूप ने मानव तस्करी, गुमशुदगी और बाल संरक्षण जैसे संवेदनशील मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को देहरादून स्थित परिक्षेत्रीय कार्यालय में सातों जनपदों की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर सभी जनपदों के AHTU नोडल अधिकारी, प्रभारी एवं उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।

बैठक में IG राजीव स्वरूप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मानव तस्करी और नाबालिगों के शोषण के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने AHTU को पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए।
लंबित मामलों की हुई समीक्षा
बैठक में AHTU में लंबित विवेचनाओं की जनपदवार समीक्षा की गई, जिसमें
- देहरादून – 06,
- हरिद्वार – 08,
- पौड़ी – 01
लंबित प्रकरण पाए गए। IG ने इन मामलों का शीघ्र और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गुमशुदगी मामलों में SOP का सख्ती से पालन
गुमशुदगी की जांच के लिए जारी एसओपी पर अधिकारियों को दोबारा ब्रीफ किया गया और निर्देशित किया गया कि एसओपी के अनुरूप 100 प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही बीते 05 वर्षों की गुमशुदगी बरामदगी और पिछले 03 वर्षों में लापता हुए बच्चों की क्रमवार समीक्षा कर विशेष निर्देश जारी किए गए।
AHTU को मिले सख्त दिशा-निर्देश
IG गढ़वाल ने AHTU को निर्देश दिए कि—
- सभी जनपदों में विधिवत रजिस्टर रखे जाएं, जिसमें गुमशुदा महिला, पुरुष एवं बच्चों का पूरा विवरण दर्ज हो।
- मोबाइल और अंतिम लोकेशन से संबंधित डाटा सुरक्षित रखा जाए और संबंधित थानों को सहयोग दिया जाए।
- जनपदों में मिलने वाले लावारिस शवों का भी अभिलेखीयकरण किया जाए।
- मानव तस्करों का डाटाबेस तैयार कर सीमावर्ती राज्यों से भी संदिग्धों की सूची मंगाई जाए।
विवाह के नाम पर तस्करी और भिक्षावृत्ति पर भी सख्ती
कुछ क्षेत्रों से युवतियों को विवाह के नाम पर बहला-फुसलाकर ले जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए IG ने ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर युवतियों के शोषण को रोकने के कड़े निर्देश दिए।
इसके साथ ही भिक्षावृत्ति में नाबालिगों के इस्तेमाल की शिकायतों पर भी नियमित निगरानी और दस्तावेजीकरण करने के आदेश दिए गए।
आपदा में अनाथ बच्चों का बनेगा डाटाबेस
आपदा में अनाथ हुए बच्चों की पहचान कर उनका डाटाबेस तैयार करने और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें आश्रय, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बाल आश्रय गृहों की होगी नियमित जांच
जनपदों में संचालित बाल आश्रय गृहों का समाज कल्याण विभाग के साथ नियमित निरीक्षण, बच्चों से सीधा संवाद और उनकी समस्याओं के समाधान के निर्देश भी दिए गए।
13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की गुमशुदगी पर त्वरित कार्रवाई
IG ने स्पष्ट किया कि 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों की गुमशुदगी की जांच, FIR के तुरंत बाद AHTU को सौंपी जाए।
परिक्षेत्र स्तर पर AHTU का गठन
इन सभी निर्देशों के क्रियान्वयन और बेहतर समन्वय के लिए गढ़वाल परिक्षेत्र कार्यालय स्तर पर AHTU का गठन भी किया गया है। सभी दिशा-निर्देश जनपद प्रभारियों को पत्र के माध्यम से भेजे जा रहे हैं।
IG राजीव स्वरूप की सराहना
मानव तस्करी, गुमशुदा बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर IG राजीव स्वरूप की यह सक्रियता गढ़वाल परिक्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है। उनके नेतृत्व में AHTU की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में यह समीक्षा बैठक बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।


