
गुड़ भारत की रसोई का मीठा ख़ज़ाना है, जिसमें स्वाद भी है और सेहत को लाभ भी। लेकिन बाज़ार में आजकल नकली और केमिकल मिलाया गुड़ भी बढ़ रहा है, जो रंग तो दिखाता है पर सेहत को नुकसान पहुँचाता है। असली गुड़ शरीर को ताकत देता है, जबकि नकली गुड़ बीमारियाँ बुलाता है। इसलिए ज़रूरी है कि बाजार से आए नकली और असली गुड़ की पहचान करना सीखें, क्योंकि मिठास वही अच्छी है जो शुद्ध हो, प्राकृतिक हो और हमारे शरीर को अंदर से पोषण दे।
यहाँ जानिए असली और नकली गुड़ का फर्क समझने के आसान घरेलू तरीके, ताकि आप 100% शुद्ध और सुरक्षित गुड़ का सेवन कर सकें।
असली गुड़ पहचानने के आसान तरीके
रंग और बनावट
असली गुड़ का रंग हल्का भूरा होता है, न ज़्यादा चमकदार न एकदम पीला। बहुत ही चिकना, काँच जैसा चमकदार गुड़ रसायनों का संकेत हो सकता है।
स्वाद
असली गुड़ का स्वाद शहद जैसा, हल्का-मीठा और मिट्टी-सा प्राकृतिक होता है। बहुत तीखी मिठास या कड़वाहट मिलावट की ओर इशारा करती है।
पानी में टेस्ट
थोड़ा से गुड़ में पानी में डालें। असली गुड़ धीरे-धीरे घुलेगा और तलहटी में हल्की मिट्टी जैसी परत बनेगी। नकली गुड़ तुरंत घुलकर पानी को पीला या भूरा कर देगा।
हाथ पर दबाकर देखें
असली गुड़ नरम और दानेदार होता है। बहुत ज्यादा सख्त और काँच-सा टूटने वाला गुड़ संदिग्ध माना जाता है।
खुशबू
असली गुड़ में गन्ने और गुड़ बनाने की भट्टी की प्राकृतिक खुशबू होती है।अ गर कोई अजीब-सी या केमिकल जैसी गंध आए—तो सावधान।
क्यों खतरनाक है नकली गुड़?
- इसमें कृत्रिम रंग, चूना, केमिकल्स मिलाए जाते हैं।
- लीवर, किडनी और पाचन पर बुरा असर।
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए खासतौर पर नुकसानदायक है।



