TodayGoldPrice : सोना खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! कीमत में भारी गिरावट की उम्मीद
If inflation does not decrease in America, then to control it the Federal Reserve will increase interest rates so that people reduce their spending.
TodayGoldPrice : सोना खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! कीमत में भारी गिरावट की उम्मीद :- सोने की कीमत में लगातार गिरावट देखी जा रही है. मार्च में सोना अब तक 15330 रुपये लुढ़क चुका है. इसके 1.27 लाख तक जाने की उम्मीद जताई जा रही है. अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से महंगाई का डर अब लोगों को सताने लगा है. यही वजह है कि सोने की कीमत में पिछले हफ्ते गिरावट देखने को मिली थी. ईरान पर जब जंग की शुरुआत हुई थी, तब सोना 1,60,000 रुपये के आसपास था।
हालांकि, MCX पर सोने के भाव को पिछले हफ्ते बड़ा झटका लगा है. इस दौरान सोना 1,44,825 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि COMEX पर सोने का भाव 4,574.90 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर बंद हुआ. जानकारी के अनुसार , आज सोने का भाव एक जटिल मैक्रो माहौल से गुजर रहा है, जिसमें भू-राजनीतिक तनाव और मौद्रिक सख्ती की उम्मीदें विपरीत दिशाओं में खींच रही हैं।
उनका कहना है सोने में गिरावट का दौर जारी रह सकता है. इसी के साथ भारत में सोने का भाव 1,27,000 प्रति 10 ग्राम और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,250 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है. सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ता टकराव—खास तौर पर ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायली हमले और प्रमुख खाड़ी देशों में ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरान के जवाबी हमले—ने वैश्विक ऊर्जा जोखिम को काफी बढ़ा दिया है।
इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है, जिससे दुनिया भर में ईंधन और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत के कारण आयातित महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं. मजबूत अमेरिकी डॉलर, ऊंची बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से पैदा लगातार महंगाई की चिंताएं और अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में बड़ी कटौती की कम होती उम्मीदों के बीच सोने की कीमतें नजदीकी भविष्य में दबाव में रह सकती हैं।
अगर अमेरिका में महंगाई कम नहीं होती है, तो इसे काबू में करने के लिए फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा देगा ताकि लोग खर्च कम करे. ब्याज दरें ऊंची रहेंगी, तो लोग खर्च कम करेंगे. ऊंची ब्याज दरों से डॉलर मजबूत होता है, डॉलर की वैल्यू बढ़ जाएगी क्योंकि दुनियाभर के निवेशक डॉलर में अपना पैसा लगाने लगेंगे. चूंकि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों सोने का कारोबार डॉलर में होता है इसलिए डॉलर मजबूत होने से सोना सस्ता हो जाएगा ।
अगर अमेरिका में महंगाई कम नहीं होती है, तो इसे काबू में करने के लिए फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा देगा ताकि लोग खर्च कम करे. ब्याज दरें ऊंची रहेंगी, तो लोग खर्च कम करेंगे. ऊंची ब्याज दरों से डॉलर मजबूत होता है, डॉलर की वैल्यू बढ़ जाएगी क्योंकि दुनियाभर के निवेशक डॉलर में अपना पैसा लगाने लगेंगे।
चूंकि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों सोने का कारोबार डॉलर में होता है इसलिए डॉलर मजबूत होने से सोना सस्ता हो जाएगा. अमेरिका-ईरान युद्ध जारी होने के बावजूद आज सोने के रेट स्थिर या नीचे हैं. इसकी वजह यह है कि मार्केट को लग रहा है कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों के सामने महंगाई की चुनौती आ सकती है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की उम्मीद है और ऐसे में सेंट्रल बैंकों के पास ब्याज दरें बढ़ाने या उन्हें स्थिर रखने के अलावा कोई और चारा नहीं होगा. यह पिछले हफ्ते साफ दिखा जब US फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान, बैंक ऑफ कनाडा और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दरों को लेकर सतर्क या सख्त रवैया अपनाने के संकेत दिए. अमूमन सोने की कीमतें जब 1.50 लाख के पार पहुंच जाती हैं, तो निवेशक अपना मुनाफा निकालने के लिए भारी मात्रा में सोना बेचने लगते हैं, जिससे बाजार में अचानक से सोने की सप्लाई काफी बढ़ जाती है. ऐसे में भाव नीचे आने लगते हैं।
दुनिया में चीन और भारत सोने के सबसे बड़े खरीदार हैं. कीमतें ऊंची रहेंगी, तो डिमांड में कमी आएगी. ऐसे में कीमतों पर सीधा असर पड़ेगा. बाजार का माहौल अभी भी कमजोर बना हुआ है क्योंकि मुख्य मैक्रो संकेत अभी भी अनुकूल नहीं हैं. उम्मीद है कि ब्याज दरें ऊंची बनी रहेंगी, जबकि चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं, जिससे महंगाई की चिंताएं बनी हुई हैं और सोने की कीमतों में बढ़त सीमित हो रही है।
कुल मिलाकर, सोने में उतार-चढ़ाव बना रहने के साथ-साथ इसके कमजोर रहने की संभावना है. निकट भविष्य में इसकी ट्रेडिंग रेंज 1,40,000 से 1,47,000 के बीच रहने का अनुमान है.” आज MCX पर सोने की कीमत 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पास मजबूत रेसिस्टेंस का सामना कर रही है, जबकि 1,65,000 एक अहम नजदीकी-अवधि का आधार बना हुआ है. जब तक कीमतें इन स्तरों से नीचे रहेंगी, तब तक रुझान में सुधार बने रहने की संभावना है और कीमतें गिरकर 1,35,000 और 1,27,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं॥


