“बधाई देने की होड़, सिस्टम बेहाल—मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्वास्थ्य विभाग”

उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग की जमीनी हकीकत किसी से छुपी नहीं है—अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, उपकरणों का अभाव और ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं लगातार सवालों के घेरे में हैं। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के सामने बड़ी चुनौती खड़ी है—क्या वे इस चरमराती व्यवस्था को पटरी पर ला पाएंगे?
इधर, मंत्री आवास पर इन दिनों एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी लगातार बधाई देने पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि कई ऐसे चेहरे भी गुलदस्ते लेकर मंत्री के दरबार में हाज़िरी लगा रहे हैं, जिनका विभागीय कामकाज में कोई खास योगदान नजर नहीं आता।
सूत्रों की मानें तो “औपचारिकता” के नाम पर यह सिलसिला लगातार जारी है। सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ दिखावे की राजनीति है या फिर आने वाले समय में विभागीय समीकरण साधने की कवायद?
प्रदेश की जनता को उम्मीद है कि मंत्री महोदय इन औपचारिक बधाइयों से आगे बढ़कर स्वास्थ्य सेवाओं की असल समस्याओं पर ध्यान देंगे। क्योंकि हकीकत यही है कि पहाड़ से लेकर मैदान तक मरीज आज भी बेहतर इलाज के लिए भटक रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि सुबोध उनियाल बधाईयों की इस भीड़ के बीच कितनी जल्दी और कितनी मजबूती से स्वास्थ्य विभाग में सुधार की ठोस शुरुआत करते हैं—या फिर यह “गुलदस्ता राजनीति” ही सिस्टम पर भारी पड़ती रहेगी।


