IranIsraelWar : ईरान-इजरायल युद्ध की आंच में झुलसीं इस प्रदेश की सड़कें
Even departmental officials are unable to provide any relief regarding the tenders that have already been finalized.
IranIsraelWar : ईरान-इजरायल युद्ध की आंच में झुलसीं इस प्रदेश की सड़कें :- ऊधम सिंह नगर में ईरान-इजरायल युद्ध के कारण डामर के दाम दोगुने हो गए हैं, जिससे लगभग पौने चार सौ सड़कों का निर्माण प्रभावित हुआ है. ईरान-इजरायल युद्ध की आंच में अब उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले की करीब पौने चार सौ सड़कें झुलसने लगी हैं। पहले गैस फिर तेल संकट के गहराते आसार से डामर के दाम एकाएक बढ़ गए हैं. पुराने रेटों पर टेंडर डालने वाले ठेकेदारों के सामने अब अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई है।
वे समझ नहीं पा रहे हैं कि काम को किस तरह पूरा किया जाए। पुराने रेट पर करने से उनको बड़ा नुकसान हो रहा है और नहीं कर रहे हैं तो विभागीय रूप से फंस रहे हैं। ऐसे में इनके सामने इधर कुआं-उधर खाई जैसी स्थिति बन गई है। ऊधम सिंह नगर जिले में डीजल पेट्रोल की स्थिति फिलहाल तो सामान्य है।
लेकिन जिस तरह पेट्रोलियम कंपनियों ने पंप स्वामियों से बेरूखी दिखानी शुरू की है, उससे भविष्य में संकट के आसार साफ दिखाई दे रहे हैं। युद्ध के कारण भारत में कच्चे तेल की आवक काफी कम हो रही है। इससे पेट्रोल -डीजल संकट गहराने की फिलहाल आशंका है। लेकिन डामर के दाम इस आशंका से ही बढ़ गए हैं. एक बड़े ठेकेदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जनवरी-फरवरी में टेंडर डाले थे। उस समय युद्ध नहीं हुआ था।
अब काम की बारी आई तो उससे पहले युद्ध ने सारे हालात ही बिगाड़ दिए। जो डामर 38 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रहा था अब वही 58 रुपये प्रति किलो की दर से मिल पा रहा है। इसमें 18 फीसद जीएसटी अलग से लग रही है। इस तरह ठेकेदारों पर यह डामर करीब 71-72 रुपये प्रति किलो के हिसाब से पड़ रहा है। एक तरह से डामर के दाम दोगुना हो गए हैं। इस स्थिति में वे क्या खर्च करें और क्या बचाएं।
विभागीय अधिकारी भी हो चुके टेंडर में कुछ राहत नहीं दे पा रहे है। निर्माण विंग से जुड़े अभियंताओं ने बताया कि करीब पौने चार सौ सड़कें जिले भर में ऐसी हैं जिन पर काम होना है। लेकिन ठेकेदारों की परेशानी से काम रुका पड़ा है।




