
देहरादून
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज से संबद्ध दून चिकित्सालय में पूर्व अपर सचिव की पत्नी के इलाज में लापरवाही के आरोपों पर अस्पताल प्रशासन की रिपोर्ट सामने आई है। यह रिपोर्ट 10 अक्टूबर 2025 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून को भेजी गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 18 अगस्त की रात करीब 2 बजे पूर्व अपर सचिव की पत्नी को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप था कि मौजूद डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू नहीं किया, जिससे मरीज की स्थिति और बिगड़ती चली गई।

रिपोर्ट के अनुसार, मरीज के परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे तो इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद एडमिट करने और आगे की प्रक्रिया के लिए सलाह दी। हालांकि, परिजनों ने यह कहते हुए मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया कि वे उन्हें अन्य अस्पताल ले जाएंगे। प्रशासन के मुताबिक, अस्पताल की टीम ने इलाज से मना नहीं किया था, बल्कि परिजनों के निर्णय के अनुसार मरीज को अन्यत्र रेफर किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजी गई इस रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर और स्टाफ ने मरीज को आवश्यक प्राथमिक उपचार देने की पेशकश की थी, लेकिन परिजनों के आग्रह पर मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि, रिपोर्ट के साथ यह भी स्पष्ट किया गया है कि दून अस्पताल में मौजूद टीम ने समय पर चिकित्सकीय सहायता देने की तैयारी रखी थी। प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण में तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।
हालंकि ये घटना 18/08/2025 की है लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आज की तारीख़ में प्रसारित की गई है।


