
केरल में एक खतरनाक बिमारी ने खौफ बना रखा है। राज्य में अभी तक मेनिन्गोएन्सेफलाइटिस
(Amoebic Meningoencephalitis) से मामलों और मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे आम पब्लिक और मेडिकल एक्सपर्ट भी परेशान हैं। अभी तक इस संक्रमण के सटीक फैलने के तरीके और बचाव के उपायों पर पूरी तरह से स्पष्टता नहीं है। दिमाग पर हमला करने वाला यह घातक अमीबा पिछले नौ महीनों में राज्य में 17 लोगों की जान ले चुका है। उसमें भी डराने वाली बात ये है कि इनमें से सात मौतें केवल इस महीने दर्ज की गई हैं। इस मामले को लेकर स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स का यह मानना था कि यह बीमारी अधिकतर उन लोगों में फैलती है, जो तालाब, झील या स्विमिंग पूल जैसे जगहों में नहाते या तैरते हैं। अनुमान था कि नाक में दूषित पानी जाने से अमीबा दिमाग तक पहुंच जाता है और संक्रमण फैलता है।
Amoebic Meningoencephalitis: गलत साबित हुई पहली थ्योरी
लेकिन हाल के कुछ मामलों से इन बातों को सही नहीं बताया जा सकता है। कुछ मामले ने इस थ्योरी को गलत साबित किया है। जैसे एक तीन महीने के नवजात बच्चे, जिसका तालाब या झील से कोई संपर्क नहीं था, इस बीमारी का शिकार हुआ। इसी तरह, कुछ ऐसे मरीज भी मिले जो केवल घर में स्नान करते थे और फिर भी संक्रमित हो गए। यह स्थिति विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय है।
Amoebic Meningoencephalitis Cases: वैश्विक स्तर पर मृत्यु दर बहुत अधिक
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हालांकि संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है, लेकिन एक राहत की बात यह है कि केरल में इस बीमारी से मृत्यु दर लगभग 24% है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा करीब 97% तक पहुंच जाता है। इसके बावजूद, इस इन्फेक्शन से बचाव के स्पष्ट दिशा-निर्देश न होने से आम लोगों में दहशत का माहौल है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सावधानी के तौर पर स्विमिंग या स्नान करते समय पानी को नाक में जाने से रोकना चाहिए। स्विमिंग पूल या खुले तालाब और नदियों में नहाने से बचना चाहिए। वहीं, घर में शॉवर से नहाने के बाद भी कुछ लोग संक्रमित पाए गए हैं, जिससे बचाव की गाइडलाइन तय करना और भी कठिन हो गया है।
Kerala on Alert: जारी हुई है एडवाइजरी
हाल ही में PAM यानी Primary Amoebic Meningoencephalitis के मामलों में हुई वृद्धि को देखते हुए, स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने 27 अगस्त को एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें रुके हुए तालाबों या नदियों में नहाने से सख्त मना किया है। केरल में अब तक में PAM के 66 मामले और 17 मौतें दर्ज की गई हैं।



