
देहरादून
इंजीनियर्स डे के अवसर पर उत्तराखंड इंजीनियर्स महासंघ ने एक सराहनीय पहल करते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में इंजीनियरों की सामाजिक जिम्मेदारी और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करना था।

महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बढ़-चढ़कर इस शिविर में भाग लिया और स्वेच्छा से रक्तदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा इंजीनियरों के साथ वरिष्ठ इंजीनियर भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर “रक्तदान – महादान” के संकल्प को दोहराते हुए इसे इंजीनियर्स डे पर समाज को समर्पित किया।

इस मौके पर महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इंजीनियरिंग केवल विकास और तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सेवा और जरूरत के समय आगे बढ़ने का भी नाम है। रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रम समाज में जीवन बचाने की दिशा में इंजीनियरों की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का संदेश देते हैं।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और तकनीशियनों की टीम मौजूद रही, जिन्होंने रक्तदान करने आए इंजीनियरों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रमाणपत्र भी प्रदान किए।

इंजीनियर्स महासंघ ने घोषणा की कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और सेवा से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज और इंजीनियरों के बीच सकारात्मक समन्वय को और मज़बूती मिल सके।
आपको बता दें कि भारत में अभियंता दिवस हर साल 15 सितंबर को महान अभियंता भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (M. Visvesvaraya) की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. यह दिन समाज में इंजीनियरों के अमूल्य योगदान को मान्यता देने और उनके अथक प्रयासों व नवोन्मेषी भावना का सम्मान करने के लिए होता है।
सर एम. विश्वेश्वरैया का सम्मान:
विश्वेश्वरैया एक महान सिविल इंजीनियर, दूरदर्शी योजनाकार और प्रशासक थे, जिन्होंने भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
उनके अविश्वसनीय योगदान:
उन्होंने पुणे में स्वचालित वियर फ्लडगेट (Automatic Weir Floodgates) प्रणाली को डिजाइन किया.
हैदराबाद को बाढ़ से बचाने के लिए एक जल निकासी व्यवस्था तैयार की.
विशाखापत्तनम बंदरगाह को समुद्री कटाव से बचाने में मदद की.
मैसूर राज्य में कई रेलवे लाइनें चालू कीं.
मैसूर में कृष्णराजसागर बांध, भद्रावती आयरन एंड स्टील वर्क्स और मैसूर संदल ऑयल एंड सोप फैक्ट्री जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत में योगदान दिया.
इंजीनियरों के महत्व को पहचानना:
यह दिन उन सभी इंजीनियरों के प्रयासों का सम्मान करता है, जो अपनी रचनाओं और समाधानों से हमारे जीवन को बेहतर बनाते हैं.
इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम, जल संस्थान,पेयजल विभाग, आरडब्ल्यूडी विभाग के इंजीनियर्स मौजूद रहे।



