
देहरादून
राजधानी में सरकारी विभागों की कार्यशैली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जनता के कई ज़िम्मेदार लोगों ने मांग उठाई है कि सरकार सभी विभागों के अधिकारियों का ऑडिट कराए, ताकि यह साफ हो सके कि कितने अधिकारी खुद ठेकेदार बनकर सिस्टम का हिस्सा बने बैठे हैं।
सूत्रों के मुताबिक कई विभागों में अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी फर्मों या रिश्तेदारों के नाम पर ठेके हासिल कर रहे हैं। इससे न केवल टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ भी गहरी होती जा रही है।
सरकार एक स्वतंत्र जांच टीम गठित करे, सभी अधिकारियों की संपत्ति और व्यावसायिक हितों का खुलासा करवाए और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई करे।
छोटे ठेकेदारों का कहना है कि अब सरकारी काम में योग्यता या अनुभव नहीं, बल्कि पहुँच और पद काम आ रहे हैं। “जब विभाग का ही कोई अफसर ठेकेदार बन जाए, तो हम जैसे छोटे लोगों को मौका कहाँ मिलेगा?”



