RahulGandhi : कांशीराम के लिए भारत रत्न की मांग बढ़ा सकती है Congress की मुश्किल
The BJP MP said that another partition of this country was about to happen.
RahulGandhi : कांशीराम के लिए भारत रत्न की मांग बढ़ा सकती है Congress की मुश्किल :- कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बसपा संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न दिए जाने की माँग की है, जिसके बाद बीजेपी ने उन पर तीखा हमला करते हुए उनकी सरकार का इतिहास बता दिया. कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की है. उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है, जिसके बाद इस मुद्दे पर सियासत गर्मा गई है।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भारत रत्न को लेकर दूसरे बड़े नेताओं का जिक्र करते हुए ख़ुद कांग्रेस का ही इतिहास याद दिलाया है. नेता प्रतिपक्ष द्वारा बसपा संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर निशिकांत दुबे ने पलटवार किया और कहा कि “राहुल गांधी ने जो कांशीराम के लिए भारत रत्न की मांग की है उसमें अहम बात ये ही कि जगजीवन रामजी ने कांग्रेस क्यों छोड़ीं? आपको याद होगा कि जगजीवन राम ने कांग्रेस ने इस्तीफा देकर ‘कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी’ बनाई।
बीजेपी सांसद ने कहा कि इस देश का एक और बंटवारा होने वाला था. जो अनुसूचित जाति के लोग थे वो जवाहर लाल की नीतियों से बहुत ज्यादा इत्तेफाक नहीं रखते थे. उस वक्त दो ऐसे लोग थे उन्होंने भारत का दूसरी बार बंटवारा नहीं होने दिया।
एक डॉ भीमराव अंबेडकर थे और दूसरे बाबू जगजीवन राम थे जिन्होंने दलित पिछड़ों की कांग्रेस की अध्यक्षता की थी. इंदिरा गांधी फखरूद्दीन अली अहमद को इमरजेंसी के कारण भारत रत्न देना चाहती थी और उसी के ख़िलाफ़ जाकर जगजीवन राम ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।
यदि भारत रत्न के लिए कांग्रेस को कोई माँग करनी चाहिए थी तो वो अपने आदमी के लिए करनी थी, जिसने इस देश की आजादी के आंदोलन में इतना बड़ा योगदान दिया. निशिकांत दुबे ने सवाल उठाते हुए कहा कि कांशीराम को भारत रत्न क्यों नहीं दिया, 2006 में उनका निधन हुआ था, 2014 तक तो उन्हीं (यूपीए) की सरकार थी.
उनके (BSP) समर्थन के साथ ही सरकार चला रहे थे. तीसरा रामविलास पासवान को भारत रत्न क्यों नहीं मिलेगा? अगर आपका यहीं क्राइटेरिया है तो ये सारे लोग है जिनका योगदान है. कांशीराम का भी योगदान है, उन्होंने दलित शोषित वंचितों को एक आवाज़ दी. राहुल गांधी की मांग पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद ने काम कि “मुझे लगता है कि ये राहुल गांधी की मूर्खता की पराकाष्ठा है।
राहुल गांधी को अपने आप में मंथन करना चाहिए कि वो देश को कहा ले जाना चाहते हैं, किस तरह की सूझ उठाते हैं और शायद उनको इतिहास नहीं पता है कि फखरुद्दीन अली का विरोध करने के कारण इतने बड़े नेता बाबू जगजीवन राम को स्वतंत्रता सेनानी को भारत रत्न क्यों नहीं दिया इस बात का जवाब कांग्रेस को देना चाहिए।



