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दोस्ती, नशा और फिर बेरहम कत्ल! दून पुलिस ने 3 हत्यारों को दबोचा , हत्या की क्या रही वजह पढ़े?

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देहरादून

देहरादून में पैसों के लेन-देन के विवाद ने एक युवक की जान ले ली। एसएसपी दून के नेतृत्व में थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने हत्या की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला मूल रूप से थाना बसंत विहार में दर्ज गुमशुदगी से शुरू हुआ था। 11 फरवरी 2026 को शास्त्री नगर, बसंत विहार निवासी संतराम धीमान ने अपने 28 वर्षीय पुत्र दिगंबर धीमान के 9 फरवरी से लापता होने की सूचना दी थी। जांच के दौरान पता चला कि दिगंबर कोर्ट की तारीख पर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।

नशे की महफिल में बना हत्या का प्लान

पुलिस जांच में सामने आया कि दिगंबर अपने कुछ साथियों के संपर्क में था, जो गुमशुदगी के बाद से ही अपने घरों से गायब थे। सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पता चला कि 9 फरवरी की रात सभी एक टैक्सी से कहीं गए थे।

17 फरवरी को पुलिस ने संदिग्ध टैक्सी चालक राजनंदन (न्यू पटेलनगर निवासी) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में उसने बताया कि आरोपियों ने एक व्यक्ति के शव को कंबल में लपेटकर उसकी टैक्सी से चिड़ियापुर के जंगलों में ले जाकर ठिकाने लगाया था।

उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चिड़ियापुर के जंगल से दिगंबर का शव बरामद किया।

रेसकोर्स के कमरे में बेरहमी से हत्या

जांच में खुलासा हुआ कि रेसकोर्स सी-ब्लॉक स्थित कमरे में पैसों के विवाद को लेकर तीनों आरोपियों—

  • हेमंत सेमवाल (37)
  • आदिल (38)
  • वैभव भट्ट उर्फ संजू (25)

ने दिगंबर को बुलाया था।

आरोप है कि दिगंबर ने उनसे करीब ढाई लाख रुपये उधार लिए थे और वापस नहीं कर रहा था। इसी बात पर विवाद बढ़ा और तीनों ने लोहे की रॉड, हथौड़े और पेचकस से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव से दिगंबर की मौके पर ही मौत हो गई।

15 हजार में शव ठिकाने लगाने की साजिश

हत्या के बाद मुख्य आरोपी हेमंत ने अपने परिचित टैक्सी चालक को 15 हजार रुपये देने का लालच देकर बुलाया। शव को कंबल में लपेटकर गाड़ी की डिग्गी में रखा गया।

रास्ते में नेपाली फार्म के पास पुल से नीचे नदी में वारदात में इस्तेमाल रॉड, हथौड़ा और मृतक के जूते फेंक दिए गए। इसके बाद शव को चिड़ियापुर के जंगल में नहर किनारे रेत में दबा दिया गया।

आईएसबीटी के पास दबोचे गए आरोपी

लगातार दबिश और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने 21 फरवरी को आईएसबीटी के पास हरिद्वार बाईपास रोड से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड, हथौड़ा और मृतक के जूते बरामद किए गए।

पहले से दर्ज हैं गंभीर मुकदमे

मुख्य आरोपी हेमंत सेमवाल और आदिल पर पूर्व में हत्या के प्रयास, मारपीट और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। वैभव भट्ट पर भी एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है।

संयुक्त टीम ने किया खुलासा

इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा थाना बसंत विहार, थाना नेहरू कॉलोनी और एसओजी की संयुक्त टीम ने किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Faizan Khan Faizy Editorial Advisor

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