
देहरादून
फिजियोथेरेपिस्ट को “Dr.” शीर्षक और “PT” संक्षिप्त नाम से संबोधित करने को लेकर पिछले दिनों खड़ा हुआ विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। Directorate General of Health Services (DGHS) ने 09 सितम्बर को जारी अपने आदेश को वापस ले लिया है। अब National Commission for Allied and Healthcare Profession (NCAHP) Act, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप फिजियोथेरेपिस्ट अपने नाम के साथ “Dr.” शीर्षक और “PT” संक्षिप्त नाम का प्रयोग कर सकेंगे।

इस फैसले के बाद देशभर के फिजियोथेरेपिस्ट समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है।
संघ ने जताया आभार
इस संदर्भ में उत्तराखंड प्रांतीय भौतिक चिकित्सा सेवा संघ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए DGHS और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। संघ ने कहा कि DGHS ने आदेश निरस्त कर यह साबित कर दिया है कि कानून सर्वोपरि है और NCAHP Act, 2021 के तहत फिजियोथेरेपिस्ट की मान्यता सुरक्षित है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ आलोक त्यागी (PT) और महामंत्री डॉ मुनीश रस्तोगी (PT) ने कहा—
“DGHS का यह कदम स्वागत योग्य है। इससे देशभर के फिजियोथेरेपिस्टों की पेशेवर पहचान और गरिमा बनी रहेगी। हम DGHS और स्वास्थ्य मंत्रालय का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने स्थिति को स्पष्ट कर दिया और भ्रामक स्थिति को खत्म किया।”
जनता और मीडिया से अपील
संघ के पदाधिकारियों ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि सही जानकारी को जनता तक पहुँचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने दोहराया कि—
• फिजियोथेरेपिस्ट पंजीकरण के साथ अपने नाम से पहले “Dr.” और बाद में “PT” लिख सकते हैं।
• यह प्रावधान NCAHP Act, 2021 की धारा (Section 3.2.3, Page 29) में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है।
• स्वास्थ्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इसकी पुष्टि उपलब्ध है।
देशभर में मिली राहत
संघ का कहना है कि DGHS द्वारा आदेश वापस लेने से पूरे देश के हजारों फिजियोथेरेपिस्टों को राहत मिली है। अब किसी भी स्तर पर उनके पेशेवर अधिकारों पर सवाल नहीं उठाया जा सकेगा।



