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कोटद्वार में उपद्रव पर पुलिस मौन! आखिर DGP और SSP पौड़ी अबतक क्यों खामोश ?

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कोटद्वार में हाल ही में हुए उपद्रव और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। घटना को कई घंटे बीत जाने के बावजूद न तो उपद्रव करने वालों पर कोई सख्त कार्रवाई दिखाई दी और न ही अब तक किसी प्रमुख गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। इस पूरे मामले में पुलिस की चुप्पी आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह खुलेआम उपद्रव हुआ, उससे साफ है कि कानून का भय खत्म होता दिखाई दे रहा है। लेकिन उससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि पुलिस की ओर से न तो कोई स्पष्ट बयान आया और न ही किसी ठोस एक्शन की जानकारी सामने आई है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब मामला इतना गंभीर है तो आखिर DGP और एसएसपी पौड़ी स्तर से अब तक कोई सख्त संदेश क्यों नहीं गया? क्या कारण है कि उपद्रवियों पर तुरंत शिकंजा कसने की बजाय पुलिस प्रतीक्षा की मुद्रा में नजर आ रही है?

घटना के वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सामने आने के बावजूद कार्रवाई का अभाव लोगों में असंतोष पैदा कर रहा है। क्षेत्र में चर्चा है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे तत्वों के हौसले और बुलंद हो सकते हैं।

जनता का सीधा सवाल है—

जब कानून व्यवस्था को खुलेआम चुनौती दी गई, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों?

अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन कब जागेगा और कब उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर कानून का संदेश देगा।

शहर के पटेल मार्ग पर एक कपड़े की दुकान के नाम को लेकर उभरा विवाद पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है। शनिवार को देहरादून और हरिद्वार से आए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। दो दिन से रात के समय पुलिस फ्लैग मार्च निकाल रही है। पुलिस प्रशासन के साथ ही खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। दूसरे पक्ष से जुडे़ लोगों के कोटद्वार पहुंचने की आशंका को देखते हुए कौड़िया स्थित यूपी-यूके बाॅर्डर पर शहर में आने वाले हर वाहन की सघन चेकिंग की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता पटेल मार्ग स्थित एक दुकान पर पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने दुकान का नाम बाबा के नाम पर रखने को लेकर पूर्व में आपत्ति जताई थी। जिस पर उन्होंने दुकान शिफ्ट होने पर नाम बदलने का आश्वासन दिया था, लेकिन दुकान शिफ्ट होने के बाद भी दुकान का नाम नहीं बदला गया है। वीडियो में कार्यकर्ता यह भी कह रहे हैं कि कोटद्वार में बाबा नाम केवल सिद्धबली बाबा का है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति स्वयं का नाम मोहम्मद दीपक बताते हुए मौके पर पहुंचता है।

उसका कहना है कि दुकान 30 साल पुरानी है, इसलिए इस मामले में नेतागिरी न दिखाएं।

Faizan Khan Faizy Editorial Advisor

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