Breakingउत्तराखंडकुमाऊँगढ़वालदेश-विदेशदेहरादूनस्वास्थ्य
Trending

दून मेडिकल कॉलेज में सर्जरी का लाइव प्रैक्टिकल प्रशिक्षण, छात्रों ने सीखी टांके और नॉटिंग तकनीक

Listen to this article

देहरादून

दून मेडिकल कॉलेज में प्राचार्या प्रो. (डॉ.) गीता जैन के मार्गदर्शन एवं देखरेख में सर्जरी विभाग द्वारा एक दिवसीय अत्याधुनिक सर्जिकल कार्यशाला का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य पीजी चिकित्सकों, इंटर्न एवं एमबीबीएस छात्रों को आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था, जिससे उनकी शल्य चिकित्सा संबंधी दक्षता और आत्मविश्वास में वृद्धि हो सके।

कार्यशाला के दौरान पीजी चिकित्सकों को एनिमल मॉडल पर आंतों को जोड़ने (इंटेस्टाइनल एनास्टोमोसिस) की आधुनिक एवं उन्नत तकनीकों का अभ्यास कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राणी ऊतकों पर किया गया यह अभ्यास वास्तविक मानवीय ऑपरेशन की प्रक्रिया के अत्यंत निकट होता है। इससे युवा चिकित्सकों को ऑपरेशन के दौरान आने वाली जटिलताओं को समझने और उनका समाधान करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। इस प्रकार का प्रशिक्षण चिकित्सा शिक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे चिकित्सकों की सर्जिकल कौशल में उल्लेखनीय सुधार होता है।

कार्यक्रम की शुरुआत आमंत्रित वरिष्ठ चिकित्सकों के ज्ञानवर्धक व्याख्यानों से हुई। इस अवसर पर महंत इंद्रेश हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे. पी. शर्मा एवं डॉ. प्रदीप सिंघल, सर्जिकल सोसाइटी देहरादून के अध्यक्ष डॉ. आर. के. टम्टा तथा डॉ. शैलेन्द्र तिवारी ने सर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, ऑपरेशन के दौरान सावधानियों एवं जटिल परिस्थितियों के प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उनके व्याख्यानों से उपस्थित चिकित्सकों एवं छात्रों को अत्यंत लाभ मिला।
कार्यशाला के अंतर्गत इंटर्न एवं एमबीबीएस के छात्रों को स्यूचरिंग (टांके लगाने) एवं नॉटिंग तकनीक का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने विभिन्न प्रकार के सर्जिकल टांकों एवं गांठों की तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए छात्रों को स्वयं अभ्यास कराया। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का उपयोग इस कार्यशाला की प्रमुख विशेषता रहा।
इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. (डॉ.) गीता जैन ने कहा कि दून मेडिकल कॉलेज में समय-समय पर इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, जिससे युवा चिकित्सकों को नवीनतम चिकित्सा तकनीकों का ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनम्र मित्तल द्वारा किया गया, जबकि अंत में डॉ. राजेंद्र प्रसाद खंडूरी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। सफल आयोजन के लिए एमएस Dr RS Bisht एवं डिप्टी एमएस DR NS Bisht ने सर्जरी विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में पीजी चिकित्सकों, इंटर्न, एमबीबीएस छात्रों तथा सर्जरी विभाग के संकाय सदस्यों ने भाग लिया। यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई और इससे उनकी सर्जिकल दक्षता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

Faizan Khan Faizy Editorial Advisor

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!