उत्तराखंडदेहरादूनराजनीति

प्रधानमंत्री के देहरादून दौरे से पहले कांग्रेस ने उठाए 10 अहम मुद्दे, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Listen to this article

देहरादून | प्रधानमंत्री के प्रस्तावित देहरादून दौरे से पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी तेज कर दी है। कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की जनता से जुड़े 10 अहम मुद्दों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाना चाहती है।

कानून व्यवस्था और अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सवाल

गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था, अंकिता भंडारी हत्याकांड, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शराब और अवैध खनन जैसे गंभीर मुद्दों पर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है।

उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे गंभीर मामले में भाजपा के दिग्गज नेताओं पर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की बात कही गई थी, लेकिन 3-4 महीने बीत जाने के बावजूद जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है। सीबीआई जांच का आधार अंकिता के माता-पिता की शिकायत को न बनाकर किसी तीसरे व्यक्ति की शिकायत को क्यों बनाया गया?

मानव-वन्यजीव संघर्ष और युवाओं का मुद्दा

उन्होंने राज्य में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता जताई और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब पहाड़वासी लगातार वन्य जीवों के आतंक का सामना कर रहे हैं।

गोदियाल ने प्रधानमंत्री के 2017 के उस बयान की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि “पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी उत्तराखंड के काम आएगी।” उन्होंने सवाल किया कि राज्य के युवाओं के लिए सरकार ने अब तक कौन-सी प्रभावी योजनाएं लागू की हैं, जबकि नशाखोरी बढ़ रही है और युवाओं का भविष्य खतरे में है।

भर्ती घोटाले, उपनल कर्मचारी और शिक्षा

उन्होंने भर्ती घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड इन मामलों के लिए बदनाम होता जा रहा है।

साथ ही, उपनल कर्मचारियों को लेकर उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के बावजूद राज्य सरकार नियमितीकरण से बचने के बहाने खोज रही है।

शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 886 स्कूल बंद हो चुके हैं, जो चिंताजनक है।

शराब, कानून व्यवस्था और गैस कालाबाजारी

पहाड़ी क्षेत्रों में 55 नई शराब की दुकानों के खुलने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या सरकार के पास राजस्व बढ़ाने के लिए सिर्फ खनन और शराब ही विकल्प रह गए हैं?

कानून व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड महिला अपराध में नंबर वन राज्य बन गया है। राज्य में महिलाएं, बच्चे, पत्रकार और पूर्व सैनिक—कोई भी सुरक्षित नहीं है। दिनदहाड़े हत्याएं और अपराध हो रहे हैं और सत्ताधारी दल के लोगों पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं।

गोदियाल ने घरेलू गैस की कालाबाजारी और बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के मद्देनजर होटल और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध कराना जरूरी है, अन्यथा पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा।

“मैं केवल पोस्टमैन हूं” – गोदियाल

अंत में गोदियाल ने कहा, “मैं केवल एक पोस्टमैन हूं। ये सवाल मेरे नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जनता के हैं। कांग्रेस पार्टी मुख्य विपक्षी दल होने के नाते अपना दायित्व निभा रही है और जनता की आवाज प्रधानमंत्री तक पहुंचा रही है।”

उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश की जनता के ये सवाल प्रधानमंत्री तक जरूर पहुंचेंगे और उन पर जवाब भी मिलेगा।

प्रेस वार्ता का संचालन मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने किया। इस दौरान प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्षा ज्योति रौतेला, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी, प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर और प्रतिमा मौजूद रहे

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!