
देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा उत्तराखंड को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने का सपना अब धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। इसकी मिसाल ऑस्ट्रेलिया (न्यू साउथ वेल्स) निवासी 51 वर्षीय अनिल राणा बने हैं, जिनका दाहिनी आंख का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन देहरादून के दून चिकित्सालय में किया गया।
अनिल राणा मूल रूप से चमोली जिले के माणा गांव के निवासी हैं। दाहिनी आंख में मोतियाबिंद की शिकायत होने पर उन्होंने देहरादून में इलाज की जानकारी ली। सोशल मीडिया और देहरादून में मित्रों की सलाह पर उन्हें नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील ओझा (प्रोफेसर एवं यूनिट हेड) से परामर्श की सलाह मिली। उन्हें बताया गया कि दून अस्पताल का नेत्र रोग विभाग आधुनिक मशीनों से सुसज्जित है, जहां मात्र 2.2 एमएम के छोटे चीरे से बिना इंजेक्शन, सिर्फ ड्रॉप से सुन्न कर ऑपरेशन किया जाता है।
अनिल राणा ने शुक्रवार 2 दिसंबर 2025 को दून चिकित्सालय में डॉ. सुशील ओझा को दिखाया। जांच के दौरान पहली बार उन्हें शुगर (डायबिटीज मेलीटस) होने की जानकारी मिली। इसके बाद वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रोफेसर डॉ. के.सी. पंत द्वारा शुगर की दवाइयां शुरू कर उपचार नियंत्रित किया गया। इसके पश्चात 5 दिसंबर 2025 को उनका मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
अनिल राणा ने बताया कि इससे पूर्व उनकी बायीं आंख का ऑपरेशन ऑस्ट्रेलिया के Royal Victorian Eye and Ear Hospital, Melbourne में किया गया था, लेकिन दून चिकित्सालय में उन्हें उससे भी बेहतर और अधिक सुविधाजनक अनुभव मिला। उन्होंने उत्तराखंड सरकार और दून अस्पताल की टीम को विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि भविष्य में दून चिकित्सालय को मेडिकल एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य ने सफल सर्जरी के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए बताया कि अगले 5 वर्षों में दून मेडिकल कॉलेज को सुपरस्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने बताया कि नेत्र रोग विभाग को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है और अब रेटिना (पर्दे) के इलाज की सुविधा भी शुरू हो चुकी है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.एस. बिष्ट एवं डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने भी चिकित्सा टीम की सराहना की।
सर्जरी टीम में
डॉ. सुशील ओझा, डॉ. नीरज सारस्वत, डॉ. दिव्या खंडूरी, डॉ. ईशान सिंह, डॉ. वंशिका, तथा नर्सिंग स्टाफ में सिस्टर वाणी सहित अन्य चिकित्साकर्मी उपस्थित रहे। इस दौरान मरीज के भाई शैलेश राणा भी मौजूद रहे।



