
व्हाट्सएप हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। लेकिन अब इसमें कुछ बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। मेटा के स्वामित्व वाले इस एप ने दुनियाभर में ‘स्टेटस विज्ञापन’ और ‘प्रोमोटेड चैनल्स’ लॉन्च करने का ऐलान किया है। साथ ही, भारत में व्हाट्सएप वेब का इस्तेमाल करने वालों के लिए भी 1 मार्च यानी आज से ही एक नया फीचर लागू हो गया है। आइए समझते हैं कि इन नए अपडेट्स का आपके ऊपर क्या असर पड़ेगा।
क्या हैं व्हाट्सएप के नए स्टेटस विज्ञापन?
अब आपको एप में सिर्फ दोस्तों के स्टेटस ही नहीं बल्कि कुछ विज्ञापन भी नजर आएंगे। ये विज्ञापन आपको एप के अपडेट्स टैब में दिखाई देंगे, जहां आप दूसरों के स्टेटस और चैनल्स देखते हैं। इन विज्ञापनों पर साफ तौर पर मार्क लगा होगा ताकि आप जान सकें कि यह एक विज्ञापन है। आम स्टेटस की तरह ही, आप इन विज्ञापनों को भी स्वाइप करके आसानी से हटा सकेंगे। अगर किसी ब्रांड का विज्ञापन आपको बार-बार परेशान कर रहा है तो आप उसे ब्लॉक या हाइड भी कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि इसका मकसद यूजर्स को नए ब्रांड्स और कंटेंट खोजने में मदद करना है।
क्या इससे हमारी प्राइवेसी पर कोई असर पड़ेगा?
जब बात विज्ञापनों की आती है तो सबसे बड़ा सवाल प्राइवेसी का होता है। व्हाट्सएप ने इस पर यूजर्स को पूरी तसल्ली दी है। आपकी पर्सनल चैट्स, ऑडियो/वीडियो कॉल्स और आपके खुद के स्टेटस पहले की तरह ही End-to-End Encrypted रहेंगे। यानी व्हाट्सएप या मेटा उन्हें पढ़ या सुन नहीं सकते। आपको विज्ञापन दिखाने के लिए आपके पर्सनल मैसेज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। कुछ देशों में यूजर्स को पैसे देकर ‘एड-फ्री’ (बिना विज्ञापन वाला) वर्जन इस्तेमाल करने का विकल्प भी मिल सकता है।
ग्रुप्स के लिए आया नया ‘ग्रुप चैट हिस्ट्री’ फीचर
विज्ञापनों के अलावा व्हाट्सएप ने एक बहुत ही काम का फीचर जोड़ा है। अक्सर जब हम किसी नए ग्रुप में जुड़ते हैं तो हमें पता नहीं होता कि पहले क्या बात चल रही थी। इस नए फीचर से ग्रुप एडमिन या सदस्य नए जुड़ने वाले व्यक्ति के साथ पिछले 25 से 100 मैसेज शेयर कर सकते हैं। इससे नए मेंबर को बातचीत समझने में बहुत आसानी होगी।
भारत में व्हाट्सएप वेब यूजर्स के लिए नया नियम
अगर आप ऑफिस या लैपटॉप पर व्हाट्सएप वेब का इस्तेमाल करते हैं तो ध्यान दें। भारत सरकार के नए सुरक्षा नियमों के तहत एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 मार्च से व्हाट्सएप वेब यूजर्स को हर 6 घंटे के बाद ऑटोमैटिक लॉगआउट कर दिया जाएगा। यानी हर 6 घंटे बाद आपको दोबारा अपने फोन से स्कैन करके लॉग-इन करना होगा। यह नियम सिम-आधारित अकाउंट वेरिफिकेशन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लाया गया है। सरकार ने कंपनी को 28 फरवरी 2026 तक इसे लागू करने का आदेश दिया था। इसमें कोई मोहलत नहीं दी गई है।



