UPCLNews : समान कार्य-समान वेतन की तैयारी तेज :- 2016 से पहले से कार्यरत उपनल कर्मचारियों का पूरा ब्योरा मांगा, देरी होने पर तय होगी जिम्मेदारी उत्तराखंड में उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। Uttarakhand Power Corporation Limited (UPCL) में लंबे समय से सेवा दे रहे उपनलकर्मियों को जल्द ही समान कार्य-समान वेतन का लाभ मिल सकता है। इसके लिए निगम मुख्यालय ने तैयारी तेज कर दी है और सभी अधिकारियों से कर्मचारियों का विस्तृत विवरण मांगा है।
निगम मुख्यालय की ओर से सभी मुख्य अभियंताओं, महाप्रबंधक (वित्त), अधीक्षण अभियंताओं, उप महाप्रबंधकों और अधिशासी अभियंताओं को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत उपनल कर्मचारियों की पूरी जानकारी सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं। यह जानकारी विशेष रूप से उन कर्मचारियों से संबंधित होगी जो 1 जनवरी 2016 से पहले से लगातार सेवा दे रहे हैं।
तीन अलग-अलग प्रारूप में मांगी जानकारी
निगम ने सूचना एकत्र करने के लिए तीन अलग-अलग प्रारूप जारी किए हैं।
पहला प्रारूप: इसमें कर्मचारी का नाम, पद, नियुक्ति तिथि, शैक्षणिक योग्यता और सेवा के दौरान आए किसी भी व्यवधान की जानकारी देनी होगी।
दूसरा प्रारूप: इसमें सीधी भर्ती के स्वीकृत पदों के मुकाबले कार्यरत उपनल कर्मियों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।
तीसरा प्रारूप: इसमें पदोन्नति वाले पदों पर तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया है।
ई-मेल और हार्ड कॉपी दोनों अनिवार्य
निगम मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्यालयों से भेजी जाने वाली जानकारी पूरी तरह जांची और सत्यापित होनी चाहिए। संबंधित कार्यालयों को यह डेटा एक्सेल शीट के माध्यम से ई-मेल पर भेजने के साथ-साथ हार्ड कॉपी में भी उपलब्ध कराना होगा।
इसके अलावा प्रत्येक कार्यालय को अपने स्वीकृत स्टाफ स्ट्रक्चर से संबंधित आदेश की प्रति भी अनिवार्य रूप से संलग्न करनी होगी।
देरी होने पर तय होगी जिम्मेदारी
निगम ने यह भी साफ कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया के बाद उपनल कर्मचारियों को संबंधित पद के न्यूनतम वेतन के आधार पर समान कार्य-समान वेतन देने की दिशा में आगे की कार्रवाई तेज हो सकती है।


