शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों को आर्थिक संबल, मासिक पेंशन में हुई बड़ी बढ़ोतरी

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों को मिलने वाली मासिक पेंशन में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब आश्रितों को हर महीने 3,000 रुपये के बजाय 5,500 रुपये पेंशन मिलेगी।
सरकार के इस फैसले से शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का संघर्ष और बलिदान अतुलनीय है। उनके बलिदान के कारण ही उत्तराखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिवारों का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी भावना के तहत आश्रितों की मासिक पेंशन को 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार शहीदों के सपनों के अनुरूप समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार के फैसले का शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों और विभिन्न आंदोलनकारी संगठनों ने स्वागत किया है। आश्रितों का कहना है कि लंबे समय से पेंशन राशि बढ़ाने की मांग की जा रही थी। बढ़ी हुई राशि से परिवारों को रोजमर्रा के खर्च और दवा आदि के लिए आर्थिक मदद मिलेगी।
शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह फैसला केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके अपनों के बलिदान और संघर्ष के सम्मान का प्रतीक भी है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन का इतिहास संघर्ष और बलिदानों से जुड़ा रहा है। लंबे आंदोलन और कई घटनाओं के बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। सरकार का कहना है कि शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन में यह बढ़ोतरी राज्य आंदोलन के बलिदानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को दर्शाती है।



