स्वाइन फ्लू को लेकर उत्तराखंड में अलर्ट, दून में 49 संक्रमित; स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश

देहरादून। दिल्ली, राजस्थान समेत कई राज्यों के बाद अब उत्तराखंड में भी स्वाइन फ्लू (एच1एन1/इन्फ्लूएंजा) के मामले सामने आने लगे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। अकेले देहरादून जिले में अगस्त की शुरुआत से मंगलवार तक स्वाइन फ्लू के 49 मामले सामने आए हैं, जिनमें पांच मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मृतक मरीज अन्य गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित थे।
स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने अस्पतालों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दून अस्पताल के सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा के अनुसार, देहरादून में सामने आए 49 संक्रमितों में 34 जिले के हैं, जबकि 15 मरीज अन्य जिलों और राज्यों से उपचार के लिए दून पहुंचे थे। इनमें से 34 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 10 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड सक्रिय रखने, जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों से संबंधित डेटा की अनिवार्य रिपोर्टिंग के निर्देश दिए हैं। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए 10-10 बेड आरक्षित किए गए हैं।
वहीं, नैनीताल जिले में भी स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अभी तक जिले में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। एसटीएच में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और ठंड लगने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने, हाथों को अच्छी तरह धोने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने, मास्क का इस्तेमाल करने और बीमार व्यक्ति के संपर्क से बचने की अपील की है।
डॉक्टरों के अनुसार बुखार, खांसी या गले में खराश के साथ सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द जैसी समस्या होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।



