पुरानी पेंशन योजना: हाईकोर्ट ने डीएम देहरादून को समयबद्ध निर्णय के दिए निर्देश!

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून जिले के राजस्व विभाग के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल किए जाने से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी देहरादून को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने कर्मचारियों की ओर से दिए गए विकल्प पत्रों और 27 मई 2026 के प्रत्यावेदन पर दो माह के भीतर तर्कसंगत और स्पष्ट आदेश पारित करने को कहा है।
मामले के अनुसार, तिलक राम जोशी और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि वे वर्ष 1995-96 से राजस्व विभाग में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। याचिकाकर्ता संख्या-1 वर्ष 2002 में नियमित हुए थे, जबकि याचिकाकर्ता संख्या-2 और 3 कटऑफ तिथि एक अक्टूबर 2005 के बाद नियमित हुए।
राज्य सरकार ने 7 नवंबर 2023 को अधिसूचना संख्या 27057/2023 जारी कर कटऑफ तिथि के बाद नियुक्त या नियमित हुए सरकारी सेवकों से पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने के लिए एकमुश्त विकल्प मांगे थे। अधिसूचना के तहत याचिकाकर्ताओं ने अपने विकल्प पत्र उपजिलाधिकारी चकराता और कालसी को सौंपे थे। इन विकल्प पत्रों को 30 जनवरी 2024 को जिलाधिकारी देहरादून को अग्रसारित कर दिया गया था।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, विकल्प पत्रों पर कोई निर्णय नहीं होने के बाद उन्होंने 27 मई 2026 को जिलाधिकारी देहरादून के समक्ष प्रत्यावेदन दिया, लेकिन उस पर भी अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
याचिका में कर्मचारियों की ओर से विकल्प पत्रों पर कार्रवाई करने और एकमुश्त विकल्प को प्रभावी किए जाने के संबंध में जिलाधिकारी को निर्देश देने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कहा कि यदि जिलाधिकारी को समयबद्ध तरीके से निर्णय लेने का निर्देश दिया जाता है तो न्याय के हित में पर्याप्त होगा। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने याचिका का अंतिम रूप से निस्तारण करते हुए जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के 27 मई 2026 के प्रत्यावेदन पर आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तिथि से दो माह के भीतर तर्कसंगत एवं स्पष्ट आदेश पारित कर निर्णय लिया जाए।



