uttrakhandCongress : दो धड़ों में बंटी उत्तराखंड कांग्रेस , MLA बोले सामूहिक इस्तीफ़ा :- उत्तराखंड में सत्ता वापसी का सपना देख रही कांग्रेस पार्टी अब दो धड़ों में बंटी हुई नजर आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की नाराजगी की खबर पर मुहर अब उनकी ही वायरल हो रही वीडियो ने लगा दी है। जिसके बाद ये साफ़ हो गया है कि हरदा ने अपने ही नेताओं से नाराज होकर राजनीति से 15 दिन के ब्रेक का ऐलान किया था। बता दें कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजनीति से 15 दिन का ब्रेक लेना का ऐलान किया था।
जिसके बाद से ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था। अब हाल ही में हरदा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें हरदा की नाराजगी साफ़ नजर आ रही है।
वीडियो में हरदा ने अपनों पर ही निशाना साधते हुए कहा कि जिनको हमने राजनीति सीखाई है, आज वो ही हमें पाठ पढ़ा रहे हैं। जिनके सिर पर हमने हाथ फेरा आज उन्हें ये हाथ कंपाते नज़र आते हैं। हरदा ने कहा लेकिन इन हाथों में आज भी वो जब्जा है कि हम वक्त की धारा को बदल सकतें हैं।
वहीं हरीश रावत ने कांग्रेस नेतृत्व को भी साफ शब्दों में बता दिया कि अगर साथ दोगे तो 2027 में तुम्हे उत्तराखंड में कांग्रेस की हुकुमत दूंगा। हरदा के इस बयान से पार्टी की आपसी कलह जगजाहिर होती नजर आ रही है। हरीश रावत के इस बयान से अब साफ हो गया कि उनका राजनीतिक ब्रेक का ऐलान अचानक से क्यों किया। हरीश रावत की नाराजगी पर कांग्रेस अब खेमों में बंटी हुई दिख रही है।
हरदा की नाराजगी पर मीडिया के सवालों पर हरक सिंह रावत ने जवाब दिया कि पार्टी में कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं होता है। किसी भी व्यक्ति को कोई घमंड नहीं करना चाहिए। पार्टी ने सबको मौका दिया है और आज सबको पार्टी के लिए काम करना चाहिए। बता दें हरीश रावत की नाराजगी की वजह संजय नेगी की कांग्रेस में जोइनिंग न होना बताया जा रहा है। हरदा के समर्थन में आए कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने हरक सिंह को दलबदलू कहा है।
धामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा हरक सिंह ने जो बयान दिया है वो बहुत निंदनीय है। हरक सिंह वही व्यक्ति है जिन्होंने 2016 में कुछ विधायकों को बीजेपी में शामिल कर उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने का काम किया था’। धामी ने कहा ‘हरक सिंह रावत द्वारा ही इस देवभूमि में दलबदल का महापाप हुआ था।
जिसके बाद कांग्रेस को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसलिए हाईकमान को इस बात को ना भूल कर इस बात का भी संज्ञान लेना चाहिए कि जो एक बार धोका दे सकता है वो दुबारा भी भी दे सकता है। साथ ही मैं सभी हरीश रावत के समर्थकों से कहना चाहता हूं कि हम सबको हरीश रावत के आत्म सम्मान के लिए सामूहिक इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। जहां हमारे नेता वहां हम’।



