
देहरादून के दून अस्पताल में डॉक्टरों की मनमानी पर अब स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने ने सख्त रुख अपना लिया है। अस्पताल में मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने और ड्यूटी में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) डॉ आर एस बिष्ट ने सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी किया है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कई शिकायतें सामने आई थीं कि डॉक्टर समय से पहले ड्यूटी छोड़ रहे हैं और मरीजों को सरकारी दवाओं के बजाय बाहर से महंगी दवाएं लिख रहे हैं। यह स्थिति सरकार की सस्ती दवा उपलब्ध कराने की मंशा के विपरीत है। जांच में यह भी सामने आया कि जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध सस्ती दवाओं को भी नजरअंदाज किया जा रहा था।
एमएस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं और जन औषधि केंद्र की दवाएं ही मरीजों को लिखी जाएं। यदि कोई डॉक्टर बाहर की दवा लिखता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी लापरवाही सामने आई है। कई सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए हैं और कुछ स्थानों पर कैमरे लगे ही नहीं हैं। इस पर एमएस ने संबंधित विभाग से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तलब की है और जल्द सुधार के निर्देश दिए हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुविधा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह सख्ती जरूरी है। अब अस्पताल पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है, जिससे मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।



