उत्तराखंड

देहरादून के इन इलाकों में हुआ ब्लैकआउट हवाई हमले का मॉक ड्रिल।

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देहरादून: शुक्रवार रात 10 बजे सायरन बजते ही देहरादून का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब गया। बाजारों की चमक अचानक गायब हो गई, घरों की लाइटें बंद हो गईं और सड़कों पर भी आवाजाही धीमी पड़ गई।

शुक्रवार रात आयोजित एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। रात करीब 10:05 बजे से 10:30 बजे तक शहर के चार संवेदनशील क्षेत्रों आईएसबीटी, घंटाघर, आराघर और रायपुर के डील क्षेत्र में 30 मिनट का ब्लैकआउट किया गया। इस दौरान अलग अलग क्षेत्र में आपात स्थिति बनाकर अभ्यास करते हुए सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और आपसी तालमेल की क्षमता को परखा गया

आईएसबीटी क्षेत्र में रात 10:34 बजे बम धमाके का परिदृश्य बनाया गया। इसमें भवन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति दिखाई गई और चार मृतक, छह गंभीर घायल तथा पांच सामान्य घायल दर्शाए गए। घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से दून चिकित्सालय भेजकर चिकित्सा व्यवस्था की तत्परता परखी गई

आराघर में मिला ‘अनफटा बम’, EOD टीम ने किया निष्क्रिय

आराघर क्षेत्र में 10:36 बजे बम गिरने की सूचना मिली, जो फटा नहीं था। एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस डिस्पोजल (EOD) टीम ने मौके पर पहुंचकर बम को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया।

घंटाघर में पुलिया क्षतिग्रस्त, सेवाएं बाधित :

घंटाघर क्षेत्र में बमबारी के कारण पास की बस्ती की पुलिया क्षतिग्रस्त होने और बिजली-पानी आपूर्ति बाधित होने का सीन तैयार किया गया। संबंधित विभागों द्वारा तत्काल बहाली कार्य शुरू किया गया।

अन्य क्षेत्रों में नहीं हुई जनहानि :

डील रायपुर और आराघर क्षेत्रों में किसी प्रकार की जनहानि या बड़ी क्षति नहीं दर्शाई गई। सभी स्थानों पर मॉक ड्रिल शांतिपूर्वक और सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

सिविल डिफेंस वालंटियर्स की अहम भूमिका :

अभ्यास के दौरान सिविल डिफेंस के वालंटियर्स की तैनाती इस प्रकार रही:

घंटाघर: 52

आराघर: 52

आईएसबीटी: 36

डील रायपुर: 12

मॉक ड्रिल का उद्देश्य :

इस अभ्यास का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारियों, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन करना था, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

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