
देहरादून।उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। सुबह 9:30 बजे शुरू हुई बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। निर्णयों में कुंभ मेले के निर्माण कार्य, मदरसा बोर्ड, परिवहन, वित्त, लोक निर्माण और वन विभाग से जुड़े बड़े मुद्दे शामिल रहे।
कुंभ मेले के निर्माण कार्यों को लेकर नई व्यवस्था
कैबिनेट ने कुंभ से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति की नई व्यवस्था तय की है।
1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेलाधिकारी स्तर से स्वीकृत होंगे।
5 करोड़ रुपये तक के कार्य गढ़वाल कमिश्नर स्तर से दिए जाएंगे।
5 करोड़ रुपये से अधिक लागत के कार्य शासन स्तर से स्वीकृत किए जाएंगे।
वित्त एवं आबकारी विभाग
आबकारी नीति के तहत 6 प्रतिशत वैट दर को नियमावली में शामिल करते हुए राज्य कर विभाग द्वारा अपनाया गया है।
परिवहन विभाग
कैबिनेट ने 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी है। पूर्व में 100 बसों की खरीद की अनुमति दी गई थी, लेकिन जीएसटी दर में कमी के कारण अब 100 के स्थान पर 109 बसें खरीदी जाएंगी।
साथ ही परिवहन विभाग में परिवर्तन पर्यवेक्षक एवं सिपाहियों की वर्दी निर्धारण को भी स्वीकृति दी गई।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया।
कक्षा 1 से 8 तक संचालित मदरसों को अब जिला स्तर पर जिलाधिकारी से मान्यता लेनी होगी।
रामनगर बोर्ड के अधीन 52 मदरसों को मान्यता दी जाएगी।
इस संबंध में अध्यादेश लाया जाएगा।
करीब 50 हजार से अधिक मुस्लिम बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
संस्कृत शिक्षा विभाग
सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई है, जिससे शिक्षकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी)
बी श्रेणी के ठेकेदारों को राहत देते हुए अब उन्हें 1 करोड़ के बजाय 1.5 करोड़ रुपये तक के निर्माण कार्य करने की अनुमति दी गई है।
वन विभाग
वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तथा वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अलावा वन क्षेत्र की सीमा और मौन पालन संबंधी नीति को भी मंत्रिमंडल की सहमति मिली है।
कार्मिक एवं अन्य निर्णय
कार्मिक विभाग में एकल संवर्ग के लिए एसओपी तैयार की जाएगी। लोक निर्माण विभाग में 2023 में हुई भर्तियों के अतिरिक्त 6 नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया। उद्योग विभाग में दर 7 रुपये प्रति कुंटल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंटल की गई।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य सरकार की प्रशासनिक और विकासात्मक प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।



