तिलवाड़ा में उफनाए गदेरे ने मचाई तबाही, केदारनाथ हाईवे पर मलबा आने से कई वाहन दबे

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच रुद्रप्रयाग जिले में एक बार फिर प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिलवाड़ा स्थित स्मार्ट शौचालय के पास देर रात अचानक एक गदेरा उफान पर आ गया। तेज बहाव के साथ आए पानी, बोल्डर और भारी मलबे ने कुछ ही मिनटों में हाईवे को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के दौरान हाईवे से गुजर रहे कई वाहन मलबे में दब गए। हालांकि वाहन चालकों और यात्रियों ने समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचा ली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गदेरे का जलस्तर अचानक बढ़ा और देखते ही देखते राजमार्ग पर मलबे का विशाल ढेर जमा हो गया, जिससे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात बाधित हो गया।
सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए मार्ग को खोलने और मलबे में फंसे वाहनों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भारी बारिश के कारण तिलवाड़ा क्षेत्र में गदेरा उफान पर आने से राजमार्ग पर मलबा जमा हो गया है। मार्ग को जल्द से जल्द सुचारू करने और प्रभावित वाहनों को निकालने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन व मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन और गदेरों के उफान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
वहीं, मौसम विभाग ने 6 अगस्त के लिए भी उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए देहरादून, बागेश्वर, चमोली और पौड़ी जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।



