मानसून से पहले उत्तराखंड सरकार की बड़ी तैयारी, तीन महीने का राशन एक साथ मिलेगा

देहरादून: आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार ने खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी पूरी कर ली है। राज्य सरकार ने पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को राहत देने के उद्देश्य से जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का राशन अग्रिम रूप से उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार आगामी 1 जुलाई 2026 से तीन महीने के राशन का वितरण शुरू किया जाएगा। सरकार के निर्देश पर पर्वतीय जिलों के संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित सरकारी गोदामों में पहले ही पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न पहुंचा दिया गया है, ताकि मानसून के दौरान सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति में भी राशन आपूर्ति प्रभावित न हो।
अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में अक्सर भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे कई गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट जाता है। ऐसे हालात में खाद्यान्न संकट से बचाव के लिए अग्रिम भंडारण की व्यवस्था की गई है।
चारधाम यात्रा मार्ग को दी गई प्राथमिकता
राज्य सरकार ने इस बार चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े जिलों को खाद्यान्न आपूर्ति के मामले में विशेष प्राथमिकता दी है। यात्रा सीजन और मानसून एक साथ होने के कारण इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। चारधाम रूट पर स्थित सभी प्रमुख गोदामों में शत-प्रतिशत खाद्यान्न भंडारण सुनिश्चित कर लिया गया है।
खाद्य विभाग ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राशन वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की कमी या बाधा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों के लिए अतिरिक्त बफर स्टॉक भी सुरक्षित रखा गया है।
जुलाई में ही मिलेगा तीन माह का राशन
अपर आयुक्त खाद्य पी.एस. पांगती ने बताया कि मानसून को देखते हुए तैयारियां कई सप्ताह पहले ही शुरू कर दी गई थीं। उन्होंने कहा कि जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के लिए आवश्यक खाद्यान्न सभी निर्धारित गोदामों तक पहुंचा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य जुलाई माह के दौरान ही पात्र उपभोक्ताओं तक तीनों महीनों का राशन पहुंचाना है, ताकि मानसून के चरम दौर में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार का मानना है कि मानसून के दौरान खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करना आपदा प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से खाद्य विभाग, जिला प्रशासन और स्थानीय आपूर्ति तंत्र के बीच समन्वय स्थापित कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।



