वनभूलपुरा में पांच मदरसे सील, 452 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित; वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने दिए निर्देश

हल्द्वानी: वनभूलपुरा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित बताए गए मदरसों के खिलाफ प्रशासन की सीलिंग कार्रवाई के बाद 452 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हुई है। 25 अगस्त से पांच सितंबर के बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र के कई मदरसों में छापेमारी कर संचालन से जुड़े आवश्यक वैध दस्तावेज और अनुमतियां मांगी थीं। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित संचालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद नियमों के उल्लंघन के चलते पांच मदरसों को सील कर दिया गया।
मदरसे सील होने के बाद इनमें पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई रुक गई है। अभिभावक बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं और उनका कहना है कि यदि संचालन में कोई कमी थी तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए, लेकिन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। परिजनों को आशंका है कि लंबे समय तक पढ़ाई बंद रहने से बच्चों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है।
मदरसों के दोबारा खुलने या बच्चों को किसी अन्य सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्कूल में दाखिला दिलाए जाने को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसी बीच अभिभावकों और मदरसा संचालकों ने प्रशासन से मांग की है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
हल्द्वानी के खंड शिक्षाधिकारी तारा सिंह ने बताया कि मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों की जानकारी मांगी जा रही है। जो सूची उपलब्ध होगी, उसके आधार पर बच्चों का उनके नजदीकी स्कूलों में प्रवेश कराया जाएगा। एसडीएम मोनिका ने कहा कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए खंड शिक्षाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद जिन पांच मदरसों में पढ़ाई प्रभावित हुई है, उनमें तालिमुलइस्लाम लाइन नंबर 17 में 28 छात्र, जामिया फातिमा जोहरा मदरसा गौजाजाली में 80 छात्र, मदरसा जामियानूरियां शनि बाजार में 70 छात्र, मदरसा रमजान ऑर्गनाइजेशन नई बस्ती इंद्रानगर में 100 छात्र और मदरसा ईशातुलहक में 182 छात्र बताए गए हैं।
गौजाजाली स्थित मदरसा जामिया फातिमा जोहरा के अध्यक्ष मोहम्मद नईम अजहरी ने कहा कि उनके यहां 80 छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावक लगातार सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से बच्चों की पढ़ाई शुरू कराने के लिए कदम उठाने की अपील की।
मदरसा इशातुलहक के प्रबंधक उवैस खान ने कहा कि प्रशासन से अपील है कि जब तक कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है, तब तक बच्चों की तालीम जारी रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं, ताकि उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
वहीं, शनि बाजार स्थित मदरसा जामियानूरियां के अध्यक्ष अहमद अली नूरी ने कहा कि सीलिंग के कारण 70 बच्चों की पढ़ाई रुक गई है और अभिभावक चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि मदरसे के संचालन के लिए आवेदन काफी पहले किया जा चुका है। उनका कहना है कि पढ़ाई बंद होने से सीधे तौर पर बच्चों का नुकसान हो रहा है।



