2027 चुनाव से पहले उत्तराखंड का बदला वोटर गणित, 70 में से अधिकांश सीटों पर घटे मतदाता

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ ही 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश का मतदाता गणित बदल गया है। अंतिम सूची में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। SIR शुरू होने के समय 8 जून 2026 को प्रदेश में 79,60,762 मतदाता थे। इस लिहाज से अंतिम सूची में 8,01,813 मतदाताओं की कमी दर्ज हुई है।
हालांकि, इस कमी को सीधे SIR में हटाए गए नामों की संख्या मानना सही नहीं होगा। पुनरीक्षण के दौरान सत्यापन, दावे-आपत्तियों के निस्तारण और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया भी हुई। अंतिम सूची में 1,29,872 नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 1,04,708 नाम हटाए गए।
अंतिम मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिला और 212 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। SIR के बाद अब निर्वाचन विभाग ने उन पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने की प्रक्रिया भी शुरू की है, जिनके नाम नई सूची में नहीं हैं।
विधानसभा स्तर पर भी मतदाता संख्या में बड़ा बदलाव सामने आया है। आपके उपलब्ध विधानसभा-वार आंकड़ों के अनुसार देहरादून की धर्मपुर सीट में सबसे अधिक 57,318 मतदाताओं की कमी दर्ज हुई है। इसके अलावा कैंट में 46,346, ऋषिकेश में 43,299, रायपुर में 39,989 और राजपुर रोड में 39,046 मतदाता कम हुए हैं। मसूरी में 34,113 और डोईवाला में 20,240 की कमी बताई गई है।
मैदानी क्षेत्रों की कई अन्य सीटों पर भी मतदाता संख्या में बड़ा अंतर सामने आया है। काशीपुर में 41,281, हरिद्वार में 39,553, रानीपुर में 32,129, रुड़की में 31,989, हल्द्वानी में 31,294 और बाजपुर में 23,017 मतदाताओं की कमी दर्ज होने की बात सामने आई है।
ऊधमसिंह नगर जिले में भी किच्छा में 21,236, रुद्रपुर में 19,552, जसपुर में 17,566, खटीमा में 12,919, नानकमत्ता में 12,857, गदरपुर में 8,848 और सितारगंज में 5,200 मतदाताओं की कमी बताई गई है।
पहाड़ी विधानसभा क्षेत्रों में भी मतदाता संख्या घटी है। टिहरी में 18,329, लैंसडाउन में 19,937, चौबट्टाखाल में 16,933, पौड़ी में 16,118, श्रीनगर में 14,367, द्वाराहाट में 14,016, सल्ट में 14,396, नरेंद्रनगर में 12,998 और बदरीनाथ में 13,240 मतदाताओं की कमी बताई गई है।
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री सीट पर 11,320, यमुनोत्री में 2,583 और पुरोला में 983 मतदाताओं की कमी दर्ज होने की जानकारी दी गई है। चमोली में बदरीनाथ के अलावा थराली में 8,394 और कर्णप्रयाग में 11,643 मतदाताओं की कमी बताई गई है। रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट में भी 9,337 मतदाता कम हुए हैं।
मतदाता सूची में हुए इस बदलाव को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, केवल मतदाताओं की संख्या घटने के आधार पर किसी दल को सीधे फायदा या नुकसान होने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा। राजनीतिक दलों को अब बदली हुई मतदाता सूची के आधार पर बूथ स्तर के आंकड़ों और अपनी चुनावी रणनीति का नए सिरे से आकलन करना होगा।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अमरेंद्र बिष्ट ने आरोप लगाया कि भाजपा ने निर्वाचन आयोग की मदद से चुनाव में गड़बड़ी की कोशिश की और पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार बनाएगी।
वहीं, भाजपा मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि मतदाता सूची में किया गया बदलाव सही है। उनके अनुसार सत्यापन के दौरान फर्जी, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और प्रक्रिया चुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की गई है।
SIR के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की 70 सीटों के मतदाता आंकड़ों की तस्वीर बदल दी है। अब इसी नई सूची के आधार पर राजनीतिक दल बूथ स्तर पर अपने संगठन और चुनावी रणनीति का पुनर्मूल्यांकन करेंगे।



