खानपुर विधायक उमेश कुमार का इस्तीफा, बोले- भाजपा-कांग्रेस में नहीं जाऊंगा; जन निर्माण पार्टी से लड़ूंगा चुनाव

गैरसैंण। खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान उनके इस फैसले से प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। इस्तीफे के बाद उमेश कुमार ने अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह न तो भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे और न ही कांग्रेस का दामन थामेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव जन निर्माण पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़ेंगे।
उमेश कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपनी मुलाकातों को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इन मुलाकातों को कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। नेताओं से मिलना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी अलग राजनीतिक पहचान के साथ जनता के बीच जाएंगे।
हरीश रावत से पुरानी सियासी अदावत का किया जिक्र
उमेश कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के साथ लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक तल्खी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से चली आ रही टीस आज तक खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और जिनकी सरकार को संकट में डालने का काम किया, उनके समर्थन में नारे लगाना उनके लिए संभव नहीं है। उनके इस बयान को कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
लोकसभा चुनाव के दौरान अपने बेटे को मैदान में उतारने और अब खुद विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी को लेकर भी उमेश कुमार ने अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अब वह स्वयं चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं। जन निर्माण पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने की घोषणा को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
विपक्ष पर साथ नहीं देने का लगाया आरोप
उमेश कुमार ने इस्तीफे के पीछे सदन में पिछले साढ़े चार साल के अनुभवों और विपक्ष के रवैये को भी अहम वजह बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी उन्होंने जनता से जुड़े मुद्दे उठाए, उन्हें विपक्ष का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। उनके मुताबिक, किसानों की समस्याओं, आपदा प्रभावित लोगों की परेशानियों और बिजली-पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर आवाज उठाने के बावजूद उन्हें अकेले ही संघर्ष करना पड़ा।
विधानसभा अध्यक्ष ने की इस्तीफे की पुष्टि
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने उमेश कुमार के इस्तीफे को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें विधायक की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें उमेश कुमार ने इस्तीफे की बात कही है। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक, पत्र को आगे की प्रक्रिया के लिए विधानसभा सचिवालय भेज दिया गया है। अब सचिवालय स्तर पर इस्तीफे से जुड़े नियमों और कानूनी प्रावधानों की जांच की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
प्रणव सिंह चैंपियन ने इस्तीफे को बताया ड्रामेबाजी
खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने उमेश कुमार के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ड्रामेबाजी बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधानसभा के कार्यकाल में केवल दो महीने शेष रह गए हैं, तो अब इस्तीफा देने का क्या औचित्य है?
चैंपियन ने कहा कि आज का दौर जेन-जी यानी युवा पीढ़ी का है। युवाओं को राजनीतिक दिखावे और बयानबाजी के बजाय विकास, रोजगार और बेहतर भविष्य की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रतिमाओं की स्थापना, मंदिरों और शादी समारोहों जैसे आयोजनों पर ध्यान देने के बजाय युवाओं के भविष्य और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उमेश कुमार के इस्तीफे और जन निर्माण पार्टी के चुनाव चिह्न पर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उनके इस्तीफे पर आगे की कार्रवाई विधानसभा सचिवालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।



