उत्तराखंड

अंकिता केस में कथित VIP की नियुक्ति पर विरोध, न्याय की मांग लेकर दिल्ली पहुंचे माता-पिता, हुए गिरफ्तार

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देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर दिल्ली में मामला सुर्खियों में है। अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग को लेकर इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, अंकिता के माता-पिता बीते दिन से नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट के बाहर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। मंगलवार सुबह करीब चार बजे दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें एहतियातन हिरासत में लेकर नजदीकी थाने ले गई। पुलिस का कहना था कि इंडिया गेट जैसे संवेदनशील इलाके में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन की इजाजत नहीं है। कुछ घंटे बाद दोनों को छोड़ दिया गया।

अंकिता के माता-पिता का धरना मामले से जुड़े कथित वीआईपी की पूर्वोत्तर के एक राज्य के राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर बताया जा रहा है। उनकी मांग है कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच पूरी होने से पहले इस तरह की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। वहीं, धरने की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी समेत अन्य नेता अंकिता के माता-पिता से मिलने पहुंचे।

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

साल 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट निवासी 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या का मामला सामने आया था। वह वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों सौरभ भास्कर व अंकित को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

मामले की शुरुआत से ही एक कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इस संबंध में अंकिता के माता-पिता लगातार जांच की मांग करते रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई जांच को लेकर यह कहा गया था कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

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