हरिद्वार में GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, मिठाई कारोबारी के रिकॉर्ड की जांच शुरू

हरिद्वार। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा देहरादून की टीम ने बुधवार को हरिद्वार के रानीपुर मोड़ स्थित एक नामी मिठाई प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। जांच के दौरान प्रतिष्ठान के मौजूदा स्टॉक, बिलों और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के आंकड़ों में विसंगतियां सामने आईं। पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर करीब 30 लाख रुपये के टैक्स का आकलन किया गया है। टीम ने जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं। हालांकि, अभी तक टैक्स चोरी की पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। छापेमारी के लिए विशेष अनुसंधान शाखा, सचल दल और ऑडिट इकाई के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम ने प्रतिष्ठान के अभिलेखों की बारीकी से जांच की और कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।
आईटीसी के आंकड़ों में मिली विसंगतियां
उपायुक्त जीएसटी देहरादून सुरेश कुमार के अनुसार, जांच में बिलों और इनपुट टैक्स क्रेडिट के आंकड़ों में विसंगतियां मिली हैं। जिस अनुपात में आईटीसी रिवर्स किया जाना चाहिए था, उसके अनुसार इसे रिवर्स नहीं किए जाने की बात सामने आई है। पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का भी सही मिलान नहीं हो पाया है। इसी के चलते महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर करीब 30 लाख रुपये के टैक्स का आकलन किया गया है। प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। फिलहाल आईटीसी का आकलन जारी है और जांच पूरी होने के बाद टैक्स की राशि में बदलाव हो सकता है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
सुरेश कुमार ने स्पष्ट किया कि अभी तक टैक्स चोरी की पुष्टि नहीं हुई है और यह विभाग की नियमित जांच कार्रवाई का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि प्रतिष्ठान के स्वामी ने टीम को जानकारी दी है कि वह अपना रिकॉर्ड डाउनलोड करने के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट कर पाएंगे।
अब देहरादून में प्रतिष्ठान के स्वामी के पोर्टल रिकॉर्ड और विभाग के आंकड़ों का लाइव मिलान किया जाएगा। जांच में यदि आईटीसी का गलत उपयोग पाया जाता है, तो संबंधित राशि नियमानुसार वापस जमा कराई जाएगी। विभाग के अनुसार, प्रदेशभर में नियमित जांच और कार्रवाई के माध्यम से राजस्व में बढ़ोतरी के प्रयास किए जा रहे हैं।



