हरिद्वार नगर निगम भूमि प्रकरण में बड़ा अपडेट, दो IAS अफसरों का निलंबन बरकरार

हरिद्वार : उत्तराखंड के चर्चित हरिद्वार नगर निगम भूमि घोटाले में फंसे दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। राज्य सरकार के बाद अब केंद्र सरकार ने भी उनके निलंबन को अगले छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। इसके तहत तत्कालीन हरिद्वार जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त वरुण चौधरी नवंबर 2026 तक निलंबित रहेंगे।
करीब एक वर्ष पहले सामने आए इस बहुचर्चित भूमि घोटाले में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन की खरीद और भुगतान में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। जांच के दायरे में आने के बाद दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया था। 3 जून 2026 को उनके निलंबन की अवधि एक वर्ष पूरी होने के बाद समीक्षा की गई, लेकिन केंद्र सरकार ने बहाली के बजाय निलंबन जारी रखने का निर्णय लिया।
54 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच जारी
हरिद्वार नगर निगम से जुड़े इस मामले को उत्तराखंड के सबसे बड़े भूमि घोटालों में से एक माना जा रहा है। आरोप है कि लगभग 54 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन में गंभीर अनियमितताएं हुईं। मामले की विजिलेंस जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है, लेकिन अब तक विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
मनी ट्रेल पर उठ रहे सवाल
घोटाले में सबसे बड़ा सवाल कथित 54 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल को लेकर उठ रहा है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी राशि किन-किन स्तरों से होकर गुजरी और इसमें किन अधिकारियों या अन्य लोगों की भूमिका रही। विपक्षी दल और सामाजिक संगठन लगातार पूरी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।
PCS अधिकारी को भी राहत की उम्मीद कम
इस मामले में निलंबित पीसीएस अधिकारी अजयवीर सिंह को भी फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। उनके निलंबन की समीक्षा अभी लंबित है, लेकिन आईएएस अधिकारियों का निलंबन बढ़ाए जाने के बाद उनके मामले में भी सख्त रुख की संभावना जताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
वर्ष 2025 में हरिद्वार नगर निगम से जुड़े करीब 57 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले का खुलासा हुआ था। मामले के सामने आने के बाद शासन ने जांच के आदेश दिए और आईएएस अधिकारी रणवीर सिंह चौहान को जांच सौंपी गई। जांच में प्रारंभिक स्तर पर अनियमितताएं पाए जाने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह, नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
गृह सचिव शैलेश बगौली ने दोनों आईएएस अधिकारियों के निलंबन की अवधि छह महीने बढ़ाए जाने की पुष्टि की है। सरकार का कहना है कि मामले की जांच विभिन्न स्तरों पर अभी जारी है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।



