उत्तराखंड

27.50 करोड़ से बदलेगा देहरादून आईएसबीटी का स्वरूप, कायाकल्प का काम अंतिम चरण में

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देहरादून: शहर के प्रमुख अंतरराज्यीय बस टर्मिनल आईएसबीटी को आधुनिक और सुविधायुक्त स्वरूप देने की तैयारी तेज हो गई है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से करीब 10 एकड़ क्षेत्र में फैले आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण के लिए लगभग 27.50 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। एमडीडीए के अनुसार, इन कार्यों का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच रहे हैं।

आईएसबीटी के कायाकल्प के तहत प्लेटफॉर्म के फर्श को बदलने के साथ आधुनिक सार्वजनिक शौचालय विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रतीक्षालय, डोरमेट्री, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है। परिसर में लैंडस्केपिंग और ऊर्जा कुशल विद्युत व्यवस्था के कार्य भी प्रस्तावित हैं। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

आईएसबीटी से उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के साथ ही देश के दूसरे राज्यों के लिए भी बड़ी संख्या में बसों का संचालन होता है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बेहतर करना परियोजना का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है। निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए, इसके लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

सचिव ने मौके पर पहुंचकर परखी निर्माण की रफ्तार

आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण से जुड़े कार्यों का एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय जायजा लिया और अधिकारियों से कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा निर्माण की गति की जानकारी ली।

सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता न हो और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्माण के दौरान यात्रियों की आवाजाही और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा, ताकि विकास कार्यों के कारण यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो।

मॉल को भी मिलेगा आधुनिक स्वरूप

आईएसबीटी परिसर में स्थित मॉल को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वर्तमान में यहां फिल्मों का प्रदर्शन हो रहा है, जबकि शॉपिंग मॉल और अन्य दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया गतिमान है। इसके जरिए आईएसबीटी को बस संचालन और यात्रियों के आवागमन के साथ अधिक व्यवस्थित और बहुउद्देश्यीय परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है।

करीब 10 एकड़ में फैले आईएसबीटी को भविष्य में प्रतिदिन लगभग दो हजार से अधिक बसों की क्षमता को संभालने के लिहाज से डिजाइन किया गया है। बढ़ती परिवहन जरूरतों को देखते हुए आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण को परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।

कैब बूथ से ई-चार्जिंग तक सुविधाओं का विस्तार

आईएसबीटी परिसर में कैब सेवाओं के लिए ओला-उबर बूथ निर्धारित किए जा रहे हैं। इससे बस से उतरने वाले यात्रियों को आगे के सफर के लिए कनेक्टिविटी मिल सकेगी। परिसर में ई-चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।

एमडीडीए ने आईएसबीटी परिसर के कियोस्कों को पारंपरिक पहाड़ी शैली में विकसित करने की पहल की है। इसके अलावा जलभराव की समस्या के समाधान और परिसर की समग्र व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर भी काम किया गया है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आईएसबीटी शहर का महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है, इसलिए इसके सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आईएसबीटी में चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

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