CM के दौरे से पहले विरोध की तैयारी, IMPCL निजीकरण के खिलाफ जनप्रतिनिधि हिरासत में

रामनगर। नैनीताल जिले में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे रामनगर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और समर्थकों को पुलिस ने बेलपड़ाव में रोककर हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी मोहान स्थित आईएमपीसीएल आयुर्वेदिक दवा फैक्ट्री के निजीकरण का विरोध कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी, पूर्व ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी और उनके समर्थक सिर पर काली पट्टी बांधकर तथा हाथों में काले गुब्बारे लेकर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे थे। उनका उद्देश्य आईएमपीसीएल को निजी हाथों में सौंपे जाने के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराना था। हालांकि पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए उन्हें बेलपड़ाव क्षेत्र में ही रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार ने मोहान स्थित आईएमपीसीएल आयुर्वेदिक दवा फैक्ट्री को निजी हाथों में सौंप दिया है, जिससे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि इस फैसले से वर्षों से फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों के रोजगार और भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।
पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी ने कहा कि फैक्ट्री के निजीकरण के विरोध में कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों के कई जनप्रतिनिधि भी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री की चुप्पी लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर रही है।
संजय नेगी ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर जवाब मांगने के लिए भीमताल जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग इस मुद्दे पर एकजुट हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे। वहीं मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हुई इस कार्रवाई के बाद आईएमपीसीएल निजीकरण का मुद्दा राजनीतिक रूप से और गरमा गया है।



