उत्तराखंड में छात्र संघ चुनाव पर बड़ा फैसला, 50% आरक्षण को हाईकोर्ट ने माना वैध

नैनीताल। उत्तराखंड में छात्र संघ चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण को लेकर दायर याचिकाओं पर उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने राज्य सरकार की ओर से छात्र संघ चुनाव के लिए जारी 50 प्रतिशत आरक्षण को वैध माना और इसे चुनौती देने वाली छात्रों की याचिकाओं को खारिज कर दिया। इसके साथ ही अब छात्र संघ चुनाव 50 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर ही होंगे।
मामले के अनुसार, रामनगर और हल्द्वानी कॉलेज के छात्र भरत केशवानी और मानस आर्य समेत कई अन्य छात्रों ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाओं के माध्यम से छात्रों ने सरकार के उस शासनादेश को चुनौती दी थी, जिसमें छात्र संघ चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया था।
याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि राज्य सरकार के पास छात्र संघ चुनाव में आरक्षण निर्धारित करने की शक्ति नहीं है। इसलिए आरक्षण से संबंधित जारी शासनादेश को नियमों के विरुद्ध बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि सरकार के पास आरक्षण निर्धारित करने की शक्ति है और यह शक्ति उसे संविधान से प्राप्त है। सरकार की ओर से याचिकाओं को पोषणीय नहीं बताते हुए उन्हें खारिज करने का अनुरोध किया गया।
सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने राज्य सरकार के आदेश को वैध मानते हुए सभी याचिकाओं को निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद उत्तराखंड में छात्र संघ चुनाव 50 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर ही कराए जाएंगे।



