1.32 करोड़ साइबर फ्रॉड, STF ने राजस्थान से दबोचा ठग, बैंक खाते पर 16 शिकायतें

1.32 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, STF ने राजस्थान से गैंग के सदस्य को दबोचा
देहरादून उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के झुंझुनूं से गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रिंकू पुत्र किशोरी लाल निवासी भोरकी, थाना गुढ़ा गोरजी, जिला झुंझुनूं (राजस्थान) के रूप में हुई है।
एसटीएफ के अनुसार, श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) निवासी एक व्यक्ति को अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच “71 Wealth Enhancement” नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर प्रतिदिन 5 प्रतिशत से अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। इसके बाद “Internal Equity Account” के नाम पर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए विभिन्न बैंक खातों और UPI माध्यमों से करीब 1 करोड़ 31 लाख 76 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।
पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डाटा का विश्लेषण कर साइबर गिरोह के सदस्यों तक पहुंच बनाई गई। मामले में पहले ही महाराष्ट्र निवासी तीन आरोपियों को पटियाला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी अरवाज सैफी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था।
अब एसटीएफ टीम ने राजस्थान में दबिश देकर आरोपी रिंकू को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 2 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, जिन्हें उसने सेल्फ चेक के जरिए निकाल लिया था।
एसटीएफ की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी रिंकू के बैंक खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों — तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हरियाणा समेत कुल 16 शिकायतें दर्ज हैं।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक अनिल कुमार, अपर उप निरीक्षक गोपाल बिष्ट और अपर उप निरीक्षक पवन यादव शामिल रहे।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अपना बैंक खाता किराये या कमीशन पर किसी अन्य को उपयोग के लिए न दे। साथ ही किसी भी फर्जी निवेश योजना, डिजिटल अरेस्ट, व्हाट्सएप निवेश ग्रुप या अधिक मुनाफे के लालच में न आएं। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।



