
देहरादून
राजधानी के कई विभागों के अधिकारी ट्रांसफर कराकर अपनी मनपसंद जगहों पर तो आ धमके, लेकिन कामकाज के नाम पर धरातल पर नतीजा ‘शून्य’ है। ख़ासकर सिंचाई विभाग और पीडब्ल्यूडी में हालात बेहद चिंताजनक हैं। जनता की गाढ़ी कमाई से करोड़ों के बजट पास होते हैं, लेकिन सड़कें टूटी, नालियां जाम और विकास कार्य फाइलों तक ही सिमटे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ऐसे कई अफसर सिर्फ कुर्सी और मलाईदार पोस्टिंग के लिए मशहूर हैं, काम के लिए नहीं। जल्द ही इन विभागों के ऐसे अधिकारियों की पूरी लिस्ट जनता के सामने होगी, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर विकास कार्य क्यों ठप हैं और जनता क्यों परेशान है।
जनता सवाल पूछ रही है—
जब अधिकारी सिर्फ अपनी मर्जी से पोस्टिंग लेने में माहिर हैं, तो जिम्मेदारियों का बोझ कौन उठाएगा?
करोड़ों का बजट आखिर जा कहाँ रहा है?
अब देखना होगा कि सरकार और उच्च अधिकारी ऐसे निकम्मे सिस्टम पर कब सख्त कार्रवाई करते हैं।


