Breakingउत्तराखंडकुमाऊँक्राइमगढ़वालदेहरादून
Trending

जब अचानक पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और एसडीएम हरिगिरि, गैस एजेंसियों में मचा हड़कंप , हुआ कुछ ऐसा??

Listen to this article

देहरादून

राजधानी में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं पर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि ने शनिवार को शहर की अमरदीप गैस एजेंसी और सत्यशील गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की मांग, गैस वितरण व्यवस्था, बैकलॉग और एजेंसी में उपलब्ध स्टॉक की जानकारी ली। मौके पर पहुंचे उपभोक्ताओं की शिकायतें भी सुनी गईं और उनका समाधान किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है।

इस दौरान अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए कहा कि गैस डिलिवरी से संबंधित ओटीपी नंबर किसी भी व्यक्ति को फोन पर साझा न करें। ओटीपी केवल होम डिलिवरी के समय डिलिवरी मैन को ही दें। साथ ही एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति केवल होम डिलिवरी के माध्यम से सुनिश्चित की जाए और एजेंसी परिसर में उपभोक्ता जागरूकता के लिए बड़े फ्लेक्स बोर्ड लगाए जाएं।

निरीक्षण के दौरान अमरदीप गैस एजेंसी से जुड़े कई उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई। बड़ोवाला निवासी अरुण खरबंदा और आशुतोषनगर निवासी जितेंद्र अरोड़ा ने बताया कि डिलिवरी मैन ने फोन पर ओटीपी मांगा और ओटीपी देने के बाद गैस डिलिवरी का मैसेज तो आ गया, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। इसी तरह खुड़बुड़ा निवासी पंकज ठाकुर और सेलाकुई के रविंद्र ने भी बिना गैस मिले डिलिवरी दर्ज होने की शिकायत की।

इन शिकायतों पर जब एजेंसी के सुपरवाइजर से जानकारी ली गई तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर ने पूर्ति निरीक्षक को संबंधित सुपरवाइजर और डिलिवरीमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ता पूर्व की तरह अपनी आवश्यकता के अनुसार गैस प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही एजेंसी संचालकों को ओटीपी आधारित होम डिलिवरी प्रणाली का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।

उधर दून मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की मैस में गैस सिलेंडर की किल्लत की शिकायतों को भी जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया। नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर ने मुख्य चिकित्साधिकारी, दून मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और जिला पूर्ति अधिकारी के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि दून मेडिकल कॉलेज में प्रतिमाह लगभग 30 गैस सिलेंडर की खपत होती है, जबकि गांधी शताब्दी अस्पताल में 8, जिला चिकित्सालय में 8, इंदिरेश अस्पताल में 12 और चकशाह नगर ट्रेनिंग सेंटर में 8 सिलेंडर की खपत है। अधिकारियों ने बताया कि संस्थानों में आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, दून मेडिकल कॉलेज से डॉ. बबली और कोरोनेशन अस्पताल से डॉ. नौटियाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Faizan Khan Faizy Editorial Advisor

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!