PetrolDieselPriceHike : देश में पेट्रोल-डीजल हो गया महंगा, इतने से बढ़ गए दाम :- मिडिल ईस्ट में भारी तनाव चल रहा है। इसी बीच भारत के लिए एक बड़े झटके वाली खबर सामने आई है। पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। अचानक से तेल के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जहां पेट्रोल के दाम में 5.30 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। तो वहीं डीजल भी 3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। जिससे आम लोगों की जेब में गहरा असर पड़ने वाला है।
देश में पेट्रोल-डीजल हो गया महंगा
दरअसल देश की बड़ी निजी ईंधन रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने ये झटका दिया है। आज गुरुवार को कंपनी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। पेट्रोल के दाम 5.30 रुपए प्रति लीटर और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ गया है। आपको बता दें कि देशभर में न्यारा एनर्जी के करीब 6,500 से ज्यादा पेट्रोल पंप (रिटेल आउटलेट) हैं। ये प्राइवेट सेक्टर में भारत की दूसरी सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी है।
इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम तेल भी बढ़ाएगा दाम!
ईरान वॉर के बीच नायरा एनर्जी की तरफ से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। हालांकि अभी तक इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम कंपनी ने सादा पेट्रोल के दाम नहीं बढ़ाए हैं। हालांकि निजी कंपनी के दाम बढ़ने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही IOC और भारत पेट्रोलियम भी तेल के दाम बढ़ा सकता है। जिससे एक बार फिर आम इंसान की जेब पर इसका असर देखने को मिलेगा। ईरान वॉर की वजह से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद है। जिसके चलते भारत के साथ-साथ कई देशों के सामने ऊर्जा संकट गहरा गया है।
शहर वाइज पेट्रोल की कीमतों की बात करें तो हैदराबाद में 107.46 रुपए प्रति लीटर, कोलकाता में 105.41 रुपये, मुंबई में 103.54 रुपए, बेंगलुरु में 102.92 रुपए, नोएडा में 95.16 रुपए और गुरुग्राम में 95.57 रुपए प्रति लीटर हो गया है। तो वहीं डीजल की कीमतें हैदराबाद में 95.70 रुपए प्रति लीटर, चेन्नई में 92.39 रुपये, बेंगलुरु में 90.99 रुपए, मुंबई में 90.03 रुपये, नोएडा में 88.31 और गुरुग्राम में 88.03 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।
ईंधन की कमी की वजह से कई शहरों से पेट्रोल पंपों में लंबी लाइनों की खबर सामने आ रही हैं। तो वहीं इसी बीच एलपीजी पर भी संकट मडरा रहा है। देश में LPG की किल्लत के चलते कमर्शियल गैस सप्लाई में कटौती की गई है। जिससे इस सेक्टर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस के लिए भी देशभर में लंबी लाइनें देखने को मिल रही है। आपको बता दें कि ईरान-इजराइल के बीच चल रही वॉर अभी फिलहाल रूकती हुई नजर नहीं आ रही हैं।
अमेरिका के शांति प्रस्ताव को पहले ही ईरान ठुकरा चुका है। ऐसे में वॉर लंबी चलने से ना सिर्फ कच्चे तेल और गैस स्पलाई में संकट आएगा बल्कि वैश्विक महंगाई खासकर खाद्य सुरक्षा, उर्वरक (fertilizer) की कमी और समुद्री व्यापार मार्गों में रुकावट के कारण आर्थिक विकास की रफ्तार भी धीमी हो सकती है।


