
देहरादून: उत्तराखंड की 36 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय जल्द बढ़ाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील है और आंगनबाड़ी में कार्यरत बहनों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में भी सरकार ने उनका मानदेय बढ़ाया था और आगे भी इस पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
विपक्ष ने लगाया शोषण का आरोप
सत्र के दौरान विपक्ष ने सरकार पर आंगनबाड़ी कर्मचारियों का मानदेय न बढ़ाने और उनके शोषण का आरोप लगाया। बसपा विधायक शहजाद ने 14 मार्च को हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महिला अधिकारों की बात करने वाली सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों के हितों के प्रति गंभीर है।
वर्तमान स्थिति और मानदेय
प्रदेश में 20,070 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 19,533 आंगनबाड़ी कर्मी कार्यरत हैं, जबकि 17,411 सहायिकाएं तैनात हैं। वर्तमान में आंगनबाड़ी कर्मियों को 9,300 रुपये और सहायिकाओं को 5,200 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है।
सरकार ने पिछली बार नवंबर 2021 में कर्मियों का मानदेय 1,800 रुपये और सहायिकाओं का 1,500 रुपये बढ़ाया था।
महिला आरक्षण पर भी सियासत तेज
विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी राजनीतिक माहौल गर्म रहा। कांग्रेस ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आक्रोश मार्च निकाला, जबकि भाजपा ने मशाल यात्रा निकालकर महिला सशक्तिकरण के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन किया।
दोनों दलों ने महिला अधिकारों के मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिससे सदन से लेकर सड़क तक सियासी हलचल बनी रही।



