
रुद्रप्रयाग
इस वर्ष केदारनाथ यात्रा सुव्यवस्थित और हाईटेक ट्रैफिक प्रबंधन के चलते सुगम होती नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर के नेतृत्व में तैयार की गई व्यापक योजना का असर जमीन पर साफ दिख रहा है, जहां यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।

यात्रा के दौरान वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए 7 स्थायी और 11 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति नहीं बन रही है। वहीं, 16 बॉटलनेक प्वाइंट और 12 सक्रिय भूस्खलन जोन पर पुलिस बल की तैनाती कर ट्रैफिक को लगातार संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा 7 बैरियर और 13 हॉक जोन के जरिए भी यातायात पर नजर रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पैदल मार्ग पर 11 और सड़क मार्ग पर 10 स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए गए हैं, जिनसे समय-समय पर आवश्यक निर्देश प्रसारित किए जा रहे हैं। साथ ही 7 टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जो यात्रियों को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर रहे हैं।
इस बार यात्रा में आधुनिक तकनीक का विशेष उपयोग किया जा रहा है। 10 एएनपीआर कैमरे, 200 फिक्स व पीटीजेड कैमरे और 4 ड्रोन सर्विलांस जोन के माध्यम से पूरे मार्ग की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। 21 महत्वपूर्ण स्थानों को सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जिससे किसी भी स्थिति में तुरंत निर्णय लेना संभव हो पा रहा है।
गुरुवार को जिले में हो रही बारिश के बीच भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इस दौरान एसपी नीहारिका तोमर ने पुलिस कंट्रोल रूम से यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों और ग्राउंड फीडबैक के आधार पर रोजाना अगली दिन की रणनीति तैयार की जा रही है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और पार्किंग संचालन भी व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। एंट्री और एग्जिट को तेज और संतुलित बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बारिश को देखते हुए सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है, ताकि किसी भी तीर्थयात्री को असुविधा न हो।



