उत्तराखंड

IIT रुड़की के पीएचडी छात्र का शव गंगनहर से बरामद, डायरी और दस्तावेजों से खुल सकता है मौत का राज

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रुड़की। आईआईटी रुड़की से तीन दिन से लापता पीएचडी छात्र का शव रविवार रात आसफनगर झाल के पास गंगनहर से बरामद हुआ। पुलिस ने मामले में प्रथम दृष्टया खुदकुशी की आशंका जताई है। छात्र के कमरे से एक निजी डायरी और कुछ दस्तावेज भी मिले हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

मृतक की पहचान 34 वर्षीय मोहित कुमार पुत्र जवाहर लाल आर्य निवासी नैनीताल के रूप में हुई है। वह आईआईटी रुड़की में पीएचडी तृतीय वर्ष का छात्र था। रविवार रात पुलिस को आसफनगर झाल के पास नहर में एक शव पड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को बाहर निकालकर जांच शुरू की।

पुलिस के अनुसार, मृतक की जेब से मिले मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान की गई। सोमवार को परिजनों के रुड़की पहुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि आईआईटी प्रशासन की ओर से मोहित की गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई थी। परिजनों के बयान और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डायरी खोल सकती है राज

मामले में उस समय नया मोड़ आया जब मोहित की बहन आईआईटी परिसर स्थित उसके कमरे में सामान समेटने पहुंची। तलाशी के दौरान एक निजी डायरी और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले, जिन्हें परिजनों ने पुलिस को सौंपने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि मोहित अपनी मानसिक स्थिति और जीवन से जुड़ी बातें डायरी में लिखता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि मोहित पिछले कुछ समय से अवसाद से जूझ रहा था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह तनाव शोध के दबाव के कारण था या कोई निजी कारण इसके पीछे था। पुलिस अब डायरी के पन्नों के आधार पर उसकी मनःस्थिति समझने की कोशिश करेगी।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

नैनीताल से पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को विश्वास नहीं हो रहा कि पीएचडी के अंतिम चरण में पहुंचा उनका बेटा ऐसा कदम उठा सकता है। मोहित के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। उसकी मां और बहन सहित अन्य परिजन शव लेने रुड़की पहुंचे थे।

सूचना न देने पर भी सवाल

पुलिस ने बताया कि मोहित के लापता होने की सूचना आईआईटी प्रशासन द्वारा नहीं दी गई थी। शव मिलने के बाद जब संस्थान से संपर्क किया गया, तब घटना की जानकारी सामने आई। प्रशासन द्वारा सूचना क्यों नहीं दी गई, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने मोबाइल फोन और डायरी को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कॉल रिकॉर्ड और चैट्स भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

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