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हरिद्वार कांवड़ मेले के बाद 7 हजार टन कचरा — 12-18 अगस्त तक विशेष सफाई अभियान

7,000 tonnes of waste after Haridwar Kanwar Mela — Special cleanliness drive from August 12 to 18.

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कांवड़ मेले के समापन के बाद हरिद्वार के घाटों, गलियों और सड़कों पर भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया है। प्रशासन का कहना है कि इस बार लगभग 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार कांवड़िये पहुंचे थे। मेले के दौरान करीब 7 हजार मीट्रिक टन कचड़ा एकत्रित होने का आंंकड़ा सामने आया है, जिससे सफाई चुनौतीपूर्ण बन गई है।

प्रशासन की तैयारी और अभियान

नगर निगम और जिला प्रशासन ने 12 से 18 अगस्त तक विशेष साफ-सफाई अभियान की घोषणा की है।

अभियान में घाटों, गलियों और वार्डों की सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी।

गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग (लैबविहित) संग्रह करके निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी।

कपड़ों और अन्य पुन:प्रयोज्य सामग्री को अलग करके रिसाइक्लिंग के लिए सौंपने की तैयारी है।

संकट और प्रभाव

बड़े पैमाने पर जमा कचरा न केवल शहर की सूरत बिगाड़ रहा है, बल्कि गंदगी से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और नदी प्रदूषण का भी खतरा है।

ठोस कचरे के कारण नालियों व नदियों के प्रवेश चौकने की आशंका है, जिससे बाढ़ और जलनिकास की समस्या बढ़ सकती है।

स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने कहा कि शहर भर में कचरे के ढेर से दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।

प्रशासन की कहनी और नागरिकों से अपील

अधिकारियों ने कहा है कि अभियान के दौरान भारी मशीनरी, अतिरिक्त सफाई कर्मी और कचरा वाहनों को लगाकर तेज़ी से सफाई की जाएगी।

नागरिकों से अपील की गई है कि वे सफाई अभियान में सहयोग करें, कचरा निर्धारित डस्टबिन में डालें और प्लास्टिक के उपयोग को कम करें।

कपड़े और अन्य पुन:प्रयोज्य सामग्रियों के दान के लिए कंटेनर और संग्रह केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि उन्हें रिसाइकल या पुन:प्रयोग में लाया जा सके।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

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