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रिस्पना को नया जीवन देने मैदान में उतरे डीएम आशीष चौहान, पुनरुद्धार अभियान युद्धस्तर पर

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देहरादून की प्रमुख नदी रिस्पना को पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त रूप से अभियान तेज कर दिया है। मानसून से पहले नदी की सफाई और पुनरुद्धार को लेकर प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतर गया है। बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने महापौर सौरभ थपलियाल और मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय के साथ राजीव नगर क्षेत्र में रिस्पना नदी में चल रहे सफाई कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सफाई अभियान की प्रगति, गुणवत्ता और कार्यों की गति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से पहले नदी क्षेत्र की व्यापक सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षाकाल में जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और नदी संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सके।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि रिस्पना नदी केवल एक जलधारा नहीं बल्कि देहरादून की प्राकृतिक धरोहर है, जिसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नदी के पुनरुद्धार के लिए दीर्घकालिक और व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध ढंग से कार्य किया जाएगा।

नगर निगम देहरादून द्वारा मार्च माह से विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक लगभग 17 हजार मीट्रिक टन कूड़े का उठान किया जा चुका है। नगर निगम द्वारा बिंदाल नदी के लगभग 8 किलोमीटर तथा रिस्पना नदी के करीब 12 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा शहर के विभिन्न नदी-नालों और जलधाराओं में भी नियमित सफाई कार्य जारी है।

रिस्पना नदी की सफाई और पुनरुद्धार के लिए नगर निगम ने 12 जेसीबी मशीनों और 15 डम्परों को लगाया है। इनके माध्यम से नदी क्षेत्र से कूड़ा, मलबा और अन्य अवरोधों को हटाया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य नदी को प्रदूषण और अतिक्रमण से मुक्त कर उसका प्राकृतिक स्वरूप बहाल करना है।

डीएम ने बताया कि नमामि गंगे और जिला स्वच्छता समिति के माध्यम से नदी संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण किया जा रहा है जहां कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाएगा। साथ ही नदी में गिरने वाले बिना उपचारित नालों के जल के उपचार की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों और सहयोग की सराहना करते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों को और अधिक गति देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय, एसएनएस राजवीर सिंह, तनवीर सिंह सहित नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

Faizan Khan Faizy Editorial Advisor

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