
देहरादून
आगामी मानसून सीजन को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। देहरादून के जाने-माने चिकित्सक एवं एमडी मेडिसिन डॉ. कुमार जी कोल ने बताया कि बरसात के मौसम में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
डॉ. कोल के अनुसार मानसून के दौरान सबसे अधिक सीने के संक्रमण, खांसी-जुकाम, वायरल फीवर, पेट संबंधी रोगों और फूड पॉइजनिंग के मामले सामने आते हैं। इसके अलावा डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां भी इस मौसम में तेजी से फैलती हैं।
उन्होंने कहा कि लोग बाहर का खुला और दूषित भोजन खाने से बचें, केवल स्वच्छ और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बनता है।
डॉ. कुमार जी कोल ने सलाह दी कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी, पेट दर्द, उल्टी-दस्त या शरीर में तेज दर्द जैसी शिकायत हो तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वयं दवा लेने से बचें।
उन्होंने कहा कि “सतर्कता और स्वच्छता ही मानसून में स्वस्थ रहने का सबसे बड़ा मंत्र है।” समय पर सावधानी बरतकर अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है।


