उत्तराखंड

मसूरी में Fastag से कटेगा इको टैक्स, बैरियरों पर जाम से मिलेगी राहत; 3 महीने में लागू होगी नई व्यवस्था

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मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान बैरियरों पर लगने वाले लंबे जाम से राहत दिलाने के लिए नगर पालिका परिषद ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित कोल्हूखेत इको बैरियर और माल रोड प्रवेश बैरियर पर जल्द ही फास्टैग आधारित शुल्क प्रणाली लागू की जाएगी। इस संबंध में नगर पालिका सभागार में सभी स्टेकहोल्डर्स और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

 

तीन महीने में लागू होगी नई व्यवस्था

 

नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि वर्तमान में इको टैक्स और माल रोड प्रवेश शुल्क मैन्युअल तरीके से वसूला जाता है, जिससे पर्यटन सीजन में बैरियरों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। फास्टैग आधारित व्यवस्था लागू होने के बाद वाहनों की आवाजाही तेज होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी हद तक कमी आएगी।

 

उन्होंने बताया कि पालिका का लक्ष्य अगले तीन महीने के भीतर इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करना है। इसके लिए तकनीकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित कंपनी के साथ कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

 

कोल्हूखेत बैरियर पर बनेंगी तीन लेन

 

नई व्यवस्था के तहत कोल्हूखेत इको बैरियर पर तीन अलग-अलग लेन बनाई जाएंगी। पहली लेन फास्टैग वाले वाहनों के लिए, दूसरी स्थानीय निवासियों के लिए और तीसरी दोपहिया वाहनों के लिए होगी, जहां फिलहाल शुल्क मैन्युअल तरीके से लिया जाएगा। माल रोड प्रवेश बैरियर पर भी डिजिटल शुल्क प्रणाली लागू की जाएगी।

 

स्थानीय लोगों को मिलेगा विशेष पास

 

नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि मसूरी के स्थायी निवासियों को नई व्यवस्था में विशेष सुविधा दी जाएगी। इसके लिए स्थानीय लोगों को अपनी गाड़ियों का नगर पालिका में पंजीकरण कराना होगा। सत्यापन के बाद उन्हें विशेष पास जारी किया जाएगा, जिसके लिए नाममात्र का शुल्क लिया जाएगा। शुल्क का अंतिम निर्णय नगर पालिका बोर्ड की बैठक में होगा।

 

डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता

 

मीरा सकलानी ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद इको टैक्स से होने वाली पूरी आय का रिकॉर्ड डिजिटल होगा और जरूरत पड़ने पर इसे सार्वजनिक भी किया जाएगा। इससे शुल्क संग्रह में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।

 

उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक, व्यापारी या स्थानीय संगठन को इस योजना को लेकर कोई सुझाव या आपत्ति है, तो वह अगले तीन महीने के भीतर नगर पालिका को लिखित रूप में दे सकता है। सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

Adil Rao

एडिटर इन चीफ

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