
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आमजन की शिकायतों और सुझावों के त्वरित व प्रभावी समाधान के लिए नई पहल शुरू की है। अब प्रत्येक माह के प्रथम एवं अंतिम सोमवार को प्राधिकरण मुख्यालय, देहरादून में “समाधान दिवस” आयोजित किया जाएगा, जहां नागरिक सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएँ और सुझाव रख सकेंगे। प्राधिकरण ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल विकास कार्यों को गति देना नहीं है, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना भी है। समाधान दिवस लोगों को अपनी समस्याएँ सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का प्रभावी मंच देगा, जिससे कार्यों में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा सुशासन और जनसरोकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने का उल्लेख करते हुए बताया कि यही सोच इस पहल के पीछे है, ताकि नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत न पड़े।
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि समाधान दिवस प्रत्येक माह के प्रथम एवं अंतिम सोमवार को प्रातः 10:30 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक प्राधिकरण मुख्यालय, देहरादून में आयोजित होगा। इस दौरान प्राप्त सभी शिकायतों एवं सुझावों का नियमानुसार परीक्षण कर संबंधित विभागों के माध्यम से त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि समाधान दिवस के दौरान प्राप्त प्रकरणों को गंभीरता से लेकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करें। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा तथा प्रत्येक मामले की मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
एमडीडीए का मानना है कि यह व्यवस्था नागरिकों और प्राधिकरण के बीच विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विशेषकर भवन मानचित्र स्वीकृति, अवैध निर्माण, भूमि संबंधी विवाद, विकास कार्यों व अन्य प्रशासनिक समस्याओं के मामलों में लंबे समय से शिकायतें मिलती रही हैं। समाधान दिवस के माध्यम से ऐसे मामलों में जनता को एक तय मंच व निश्चित समय मिलेगा, जहां उनकी बात सीधे सुनी जाएगी और कार्रवाई की पारदर्शिता बनी रहेगी।
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे समाधान दिवस का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा अपनी शिकायतें व सुझाव निर्धारित तिथि व समय पर प्रस्तुत करें, ताकि उनका नियमानुसार, पारदर्शी व समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। एमडीडीए का कहना है कि यह पहल जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।



