उत्तराखंड में पहली बार बनेगी वक्फ नियमावली, संपत्तियों के प्रबंधन के लिए तैयार होगा लिखित फ्रेमवर्क

देहरादून: उत्तराखंड सरकार वक्फ संपत्तियों के रखरखाव, प्रबंधन और संचालन को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में पहली बार वक्फ से जुड़े मामलों के लिए विस्तृत लिखित नियमावली (Rulebook) तैयार की जा रही है। नियमावली लागू होने के बाद वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन और उनसे जुड़े सभी मामलों का संचालन निर्धारित नियमों के तहत किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि अब तक वक्फ से जुड़े मामलों का संचालन विभिन्न प्रावधानों और व्यवस्थाओं के आधार पर होता रहा है, लेकिन पहली बार एक औपचारिक और स्पष्ट नियमावली तैयार की जा रही है, जिससे कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
केंद्र के ड्राफ्ट के आधार पर तैयार हो रही नियमावली
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को वक्फ नियमावली तैयार करने के लिए एक ड्राफ्ट उपलब्ध कराया है। इसी ड्राफ्ट का अध्ययन कर उत्तराखंड की स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप नियम तैयार किए जा रहे हैं।
सरकार का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रखरखाव, प्रबंधन और उपयोग से जुड़े नियमों को स्पष्ट करना है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अस्पष्टता या विवाद की स्थिति कम हो सके।
प्रबंधन और पारदर्शिता पर रहेगा जोर
प्रस्तावित नियमावली में वक्फ संपत्तियों के रखरखाव, उपयोग, प्रबंधन और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही विभागीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि स्पष्ट नियम लागू होने से वक्फ से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्यवाही आसान होगी और संपत्तियों के प्रबंधन में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।
लंबे समय से उठते रहे हैं सवाल
वक्फ संपत्तियों के रखरखाव और उपयोग को लेकर समय-समय पर विवाद, शिकायतें, जांच और कानूनी मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में सरकार नियमावली के माध्यम से एक स्पष्ट व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे संपत्तियों का प्रबंधन तय मानकों के अनुरूप किया जा सके।
क्या होती है वक्फ संपत्ति?
वक्फ संपत्ति वह संपत्ति होती है जिसे धार्मिक, सामाजिक या परोपकारी उद्देश्यों के लिए स्थायी रूप से समर्पित किया जाता है। इसमें जमीन, भवन और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हो सकती हैं। इन संपत्तियों का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप किया जाना आवश्यक होता है।
विशेष सचिव ने क्या कहा?
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते ने बताया कि विभागीय स्तर पर नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के ड्राफ्ट के आधार पर उत्तराखंड की जरूरतों के अनुरूप नियम बनाए जा रहे हैं। नियमावली लागू होने के बाद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और रखरखाव में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा पूरे सिस्टम के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध होंगे।



